Ranchi | रांची में ठंड ने इस सीजन का अब तक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के असर से राजधानी और आसपास के इलाकों में तापमान तेजी से गिरा है। रविवार को मेक्लुस्किगंज में न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई।
झारखंड की राजधानी रांची में सर्दी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। रविवार को शहर ने इस सीजन का सबसे ठंडा दिन महसूस किया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में रांची का न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया।
मेक्लुस्किगंज क्षेत्र में स्थित एक निजी राणा कंट्री कॉटेज में लगे डिजिटल मीटर ने सुबह के समय न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। वहीं कांके क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
राजधानी रांची का न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री से गिरकर 6.2 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 2.3 डिग्री कम है। दिन के समय अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, हालांकि धूप निकलने से थोड़ी राहत जरूर मिली।
ठंड बढ़ने के मुख्य कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पश्चिम से आ रही शुष्क और ठंडी हवाओं ने झारखंड के मौसम में बड़ा बदलाव किया है। इन हवाओं के कारण नमी में कमी आई और रात के समय तापमान तेजी से नीचे गिरा।
✔ पश्चिमी विक्षोभ का असर
✔ साफ आसमान और शुष्क मौसम
✔ उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का प्रभाव
इन कारणों से रांची समेत आसपास के ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है।
पिछले वर्षों से तुलना
पिछले दो दशकों के मौसम रिकॉर्ड पर नजर डालें तो रांची में न्यूनतम तापमान का 1 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाना बेहद दुर्लभ रहा है। इस बार मेक्लुस्किगंज में 0.9 डिग्री तापमान दर्ज होना एक असाधारण घटना मानी जा रही है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु पैटर्न में बदलाव और उत्तर भारत में लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ इसका प्रमुख कारण हो सकता है।
मौसम विभाग और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार आने वाले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है। 29 दिसंबर को भी ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं।
हालांकि अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। इसके साथ ही अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना जताई गई है।
जनजीवन पर असर
तेज ठंड का असर आम जनजीवन पर साफ दिखने लगा है। सुबह और देर रात सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को खास परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
✔ अलाव की मांग बढ़ी
✔ गर्म कपड़ों की बिक्री में तेजी
✔ अस्पतालों में सर्दी से जुड़ी बीमारियों के मरीज बढ़े
गरीब और बेघर लोगों के लिए यह ठंड सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।
प्रशासन की तैयारियां
ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं। रैन बसेरों में अतिरिक्त कंबल की व्यवस्था की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी सर्दी से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी की है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
आगे क्या? (मौसम का अगला अपडेट)
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार फिलहाल ठंड का प्रकोप बना रहेगा। सुबह के समय घना कोहरा और ठंडी हवाएं चलने की संभावना है।
अगले तीन दिनों में धीरे-धीरे तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन जनवरी की शुरुआत में एक बार फिर ठंड बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
Conclusion
रांची और आसपास के इलाकों में ठंड ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। मेक्लुस्किगंज में 0.9 डिग्री तापमान ने सर्दी की गंभीरता को साफ दिखा दिया है। आने वाले दिनों में मौसम पर लगातार नजर रखना जरूरी है, ताकि समय रहते जरूरी सावधानियां बरती जा सकें।










