चतरा में बारिश का कहर: पति-पत्‍नी बह गए, 5000 मुर्गियां मरीं

Subhash Shekhar
3 Min Read

Chatra: बीते 24 घंटों में हुई भीषण बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। चतरा जिले के पत्थलगड़ा, सिमरिया, गिद्धौर, सदर, इटखोरी और कान्हाचट्टी प्रखंडों में हालात सबसे खराब रहे। लोगों ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में इतनी बारिश पहले कभी नहीं देखी। खेत, तालाब, नदियां सब पानी से लबालब हो गए और कई गांव जलमग्न हो गए।

गांवों का संपर्क टूटा, सड़कें बनीं नदी

पत्थलगड़ा प्रखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से कई गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया। बकुलिया नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सिमरिया के सात गांवों का सड़क संपर्क दिनभर बंद रहा। कई सड़कों और पुलों पर तीन से चार फीट पानी बहने से यातायात ठप हो गया।

बारिश से हाहाकार, हादसे भी बढ़े

गिद्धौर प्रखंड से दुखद खबर सामने आई, जहां पति-पत्नी बारिश के पानी में बह गए। खैरा में वज्रपात से एक होमगार्ड जवान की मौत हुई। नावाडीह गांव में वज्रपात से एक दुधारू भैंस की जान चली गई, जबकि कई मवेशी और बैल बाढ़ की चपेट में आ गए।

स्कूल और बाजार बंद, आर्थिक नुकसान

बारिश की गंभीरता को देखते हुए पत्थलगड़ा और आसपास के स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। दुकानों और बाजारों में भी पानी घुसने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ। कई गोदामों में रखा सामान खराब हो गया, जिससे व्यापारियों को भारी क्षति उठानी पड़ी।

फसलें बर्बाद, किसानों की मुश्किलें बढ़ीं

लगभग एक हजार एकड़ में लगी धान, मक्का, टमाटर, मिर्च और धनिया जैसी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। मवेशियों और पोल्ट्री फार्म को भी भारी नुकसान हुआ। पत्थलगड़ा की एक महिला किसान के मुर्गी फार्म में करीब 2,000 मुर्गियों की मौत हो गई, जबकि जिले भर में 5,000 से अधिक मुर्गियां बारिश की वजह से मरी बताई जा रही हैं। किसानों का कहना है कि उनकी पूरी मेहनत और निवेश बर्बाद हो गया।

बिजली व्यवस्था चरमराई, राहत कार्य जारी

बारिश और तेज हवाओं से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। कई ट्रांसफॉर्मर और बिजली के खंभे गिर गए। बनवारा स्थित स्वास्थ्य केंद्र की चारदीवारी ढह गई। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। बीडीओ, सीओ और थाना प्रभारी लगातार गांवों का दौरा कर हालात का जायजा ले रहे हैं।

प्रशासन अलर्ट पर

चतरा जिले में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रभावित क्षेत्रों में नाव और रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों को सावधान रहने और नदियों के किनारे न जाने की सलाह दी गई है।

Share This Article
Follow:
सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
Leave a comment

Leave a Reply