Jharkhand Weather: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य क्षेत्र में बना डिप्रेशन बीती रात ओडिशा तट से टकरा गया है। यह प्रणाली दक्षिण ओडिशा के गोपालपुर के पास आज सुबह लगभग 4:30 बजे समुद्र तट से पार हुई।
गोपालपुर के पास केंद्रित रहा सिस्टम
मौसम विभाग ने बताया कि डिप्रेशन लगभग 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा तट को पार कर गया। सुबह 5:30 बजे यह तंत्र गोपालपुर से 10 किलोमीटर पश्चिम-उत्तरपश्चिम, पुरी से 120 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिणपश्चिम, फुलबानी से 40 किलोमीटर दक्षिण- दक्षिणपूर्व और भवानीपटना से लगभग 180 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में केंद्रित था।
24 घंटों में कमजोर होने की संभावना
पूर्वानुमान के मुताबिक यह डिप्रेशन अब पश्चिम दिशा में दक्षिण ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऊपर से गुजरते हुए धीरे-धीरे कमजोर होगा। अगले 24 घंटों में इसके एक चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) में बदल जाने की संभावना है।
तटीय जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
डिप्रेशन के असर से ओडिशा के तटीय जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की जा रही है। गोपालपुर, पुरी, गंजाम, फुलबानी और आसपास के इलाकों में अगले 12 घंटों तक मौसम खराब रहने की चेतावनी दी गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ और झारखंड पर भी असर
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि यह प्रणाली ओडिशा से आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ और उसके बाद झारखंड तक पहुंचेगी। इन राज्यों के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में 28 सितंबर तक मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।
परिवहन और फसलों पर असर
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कई जगह सड़कों पर पानी भरने की खबरें मिल रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में धान और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। प्रशासन ने राहत दलों को अलर्ट पर रखा है और संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
प्रशासन की तैयारियां
ओडिशा सरकार ने आपदा प्रबंधन दलों को तटीय जिलों में तैनात किया है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। वहीं, रेलवे विभाग ने भी कुछ ट्रेनों के संचालन पर निगरानी रखी है ताकि मौसम की स्थिति खराब होने पर समय रहते निर्णय लिया जा सके।
इस प्रकार, बंगाल की खाड़ी से उठा यह डिप्रेशन ओडिशा तट से गुजरने के बाद धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इसके चलते पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश और जनजीवन प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है।











