टंडवा में नक्सली कहर: युवक की निर्मम हत्या से दहशत

नक्‍सलियों ने मां को पेड़ में बांधा और बेटा को जंगल में गला रेत डाला

Chatra: झारखंड के टंडवा क्षेत्र में लंबे समय बाद नक्सलियों ने एक बार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए युवक की हत्या कर पुलिस को खुली चुनौती दी है। लेंबुआ गांव निवासी भुनेश्वर साहू उर्फ बिसुन साव को नक्सलियों ने अगवा कर जंगल में बेरहमी से मार डाला।

रविवार की अहले सुबह हथियारबंद नक्सलियों ने बिशुन साव के घर पर हमला किया। इस दौरान उसकी मां शीतली देवी को पास के पेड़ से बांध दिया गया और युवक को जबरन अपने साथ ले गए। धमधमिया जंगल में उसकी गला रेतकर हत्या कर दी गई।

हत्या के बाद इलाके में खौफ का माहौल

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कुछ घंटों बाद बिशुन साव का शव तीन किलोमीटर दूर जंगल के पहाड़ी इलाके में धड़ से अलग बरामद हुआ। यह निर्मम हत्या क्षेत्र में बढ़ते नक्सली प्रभाव को दर्शाती है।

स्थानीय ग्रामीणों में भारी दहशत है। कई लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और नक्सलियों की तलाश जारी है।

गोलमुरी में युवक की हत्या का तीसरा आरोपी फरार

इस बीच जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र में स्कूटी सवार युवक मनदीप सिंह की हत्या का तीसरा आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। कार सवार अवतार सिंह, नवदीप सिंह और बलबीर सिंह ने मनदीप पर चाकू से हमला कर उसकी जान ले ली थी।

पुलिस ने अवतार सिंह और नवदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन बलबीर सिंह फरार है। पुलिस ने उसके परिवार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है ताकि वह आत्मसमर्पण कर दे।

रविवार को मृतक के परिवार और स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस के आश्वासन के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और शव का अंतिम संस्कार साकची स्वर्णरेखा घाट पर किया गया।

नक्सल गतिविधियों में इजाफा, पुलिस के लिए चुनौती

झारखंड में हाल के दिनों में नक्सली गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। टंडवा और गोलमुरी की घटनाएं बताती हैं कि अपराधी और नक्सली दोनों ही बेखौफ होते जा रहे हैं।

राज्य पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह बड़ी चुनौती है कि वे नक्सलियों के बढ़ते प्रभाव को कैसे रोकें। वहीं, स्थानीय लोग भी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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