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‘नाटू नाटू’ NTR की ओर से चिरंजीवी और बालकृष्ण बाबाई को श्रद्धांजलि

एस. एस. राजामौली की फिल्म RRR ने जहां इंटरनेशनल मंच पर भारत का परचम लहराया, वहीं इसके प्रमुख कलाकार जूनियर NTR ने हाल ही में फिल्म के सुपरहिट गाने ‘नाटू नाटू’ को लेकर दिल छू लेने वाला खुलासा किया है।

जूनियर NTR ने बताया कि ये गाना केवल एक एंटरटेनिंग नंबर नहीं, बल्कि उनके परिवार के दो खास लोगों – उनके अंकल बालकृष्ण बाबाई और मेगास्टार चिरंजीवी – के लिए एक श्रद्धांजलि है।

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नाटू नाटू की कामयाबी और इसके पीछे की भावना

लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में डायरेक्टर राजामौली और राम चरण के साथ एक भव्य लाइव कॉन्सर्ट में भाग लेते हुए, जूनियर NTR ने नाटू नाटू की सफलता को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने बताया कि इस गाने में केवल मस्ती नहीं, एक भावनात्मक गहराई भी है।

उन्होंने कहा, “मेरे अंकल बालकृष्ण बाबाई और राम चरण के पिता चिरंजीवी गरु भारतीय सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ डांसर्स में से रहे हैं। ये गाना उनकी उस विरासत को सलाम करता है।”

NTR ने आगे कहा, “जब भी मैं नाटू नाटू परफॉर्म करता हूं, मैं कल्पना करता हूं कि अगर चिरंजीवी गरु और बाबाई एक साथ इस गाने पर थिरकते, तो नजारा क्या होता। यही सोच इस गाने को मेरे लिए खास बनाती है।”

जूनियर NTR की अदाकारी और RRR की उपलब्धियाँ

RRR में जूनियर NTR का अभिनय और राम चरण के साथ उनकी कैमिस्ट्री ने ना सिर्फ भारतीय दर्शकों को बल्कि दुनियाभर के सिनेप्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया। फिल्म को 2023 के ऑस्कर अवॉर्ड में ‘बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग’ के लिए जीत हासिल हुई, जिसने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मान्यता दिलाई।

उनकी एनर्जी, ग्रेस और स्टाइल ने दर्शकों को यह यकीन दिला दिया कि वह सिर्फ एक एक्टर ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन परफॉर्मर भी हैं।

आने वाली फिल्में और भविष्य की योजनाएं

अब NTR अपने नए प्रोजेक्ट NTRNeel को लेकर चर्चा में हैं, जिसे डायरेक्टर प्रशांत नील निर्देशित कर रहे हैं। इस फिल्म से दर्शकों को जबरदस्त एक्शन, भावनात्मक गहराई और सिनेमाई भव्यता की उम्मीद है।

फिल्म की शूटिंग जोरों पर है और जूनियर NTR इसे एक नया सिनेमाई मील का पत्थर बनाने के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं।

एक कलाकार, एक श्रद्धांजलि, एक प्रतीक

नाटू नाटू केवल एक गाना नहीं, बल्कि जूनियर NTR के दिल की गहराई से निकला एक भावपूर्ण सलाम है, जो उनके पारिवारिक संस्कारों और सिनेमा से जुड़े रिश्तों को दर्शाता है।

इस गाने के ज़रिए उन्होंने यह साबित कर दिया है कि एक कलाकार अपने परफॉर्मेंस से कैसे भावनाओं की डोर को जोड़ सकता है और कला को श्रद्धांजलि का माध्यम बना सकता है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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