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Jharkhand News

बायोमैट्रिक हाजिरी न बनाने वाले 310 शिक्षकों को नोटिस, कटेगा वेतन?

Koderma | झारखंड के कोडरमा जिले में ई-विद्यावाहिनी (EVV) पोर्टल पर बायोमेट्रिक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों पर शिक्षा विभाग का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। राज्य स्तर पर हुई समीक्षा में कोडरमा जिले की लचर स्थिति सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग पूरी तरह सख्त रुख में है।

इसी कड़ी में मई महीने के दौरान ऑनलाइन हाजिरी नहीं बनाने या कम दिनों की उपस्थिति दर्ज करने वाले जिले के 310 शिक्षकों से स्पष्टीकरण (Show Cause) मांगा गया है।

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60 शिक्षकों ने एक भी दिन नहीं बनाई हाजिरी, 250 की उपस्थिति बेहद कम

मिली जानकारी के अनुसार, मई माह में कुल 16 कार्यदिवस (Working Days) थे। जब शिक्षा विभाग ने डेटा खंगाला तो चौंकाने वाली स्थिति सामने आई:

  • 60 शिक्षक ऐसे पाए गए जिन्होंने पूरे महीने में एक भी दिन ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं की।
  • 250 शिक्षकों की उपस्थिति केवल 1 से 10 दिनों के बीच ही दर्ज पाई गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।

सचिव की नाराजगी के बाद हरकत में आया विभाग

दरअसल, हाल ही में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई थी। इस बैठक में कोडरमा जिले की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था पर सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई थी। राज्य स्तर से सख्त निर्देश मिलने और जवाबदेही तय होने के बाद जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और यह बड़ी कार्रवाई शुरू की गई।

शिक्षकों ने रखा अपना पक्ष: गिनाईं ये व्यावहारिक समस्याएं

दूसरी ओर, इस कार्रवाई के बाद शिक्षक संघ और प्रभावित शिक्षकों का पक्ष भी सामने आया है। शिक्षकों का कहना है कि विभाग जमीनी हकीकत को समझे बिना कार्रवाई कर रहा है। शिक्षकों ने अपनी अनुपस्थिति के पीछे निम्नलिखित कारण बताए हैं:

  1. सरकारी प्रशिक्षण और परीक्षा: मई माह में तीन दिनों का जनगणना प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। इसके अलावा एक दिन विभागीय परीक्षा भी थी, जिसमें शिक्षक शामिल थे।
  2. आधिकारिक छुट्टियां: कई शिक्षक इस दौरान विशेष या आकस्मिक अवकाश (CL/Medical) पर थे।
  3. ऑफिस डेपुटेशन: कुछ शिक्षकों की ड्यूटी जिला शिक्षा कार्यालय में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर लगी हुई है।
  4. नेटवर्क और तकनीकी फॉल्ट: कोडरमा के सुदूरवर्ती (Rural) क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की भारी समस्या है। ई-विद्यावाहिनी पोर्टल का सर्वर डाउन होना और तकनीकी गड़बड़ियां ऑनलाइन उपस्थिति में सबसे बड़ी बाधा बनती हैं।

शिक्षकों का कहना है: “सभी परिस्थितियों और विभागीय ड्यूटी का समुचित आकलन किए बिना एकतरफा स्पष्टीकरण मांगना बिल्कुल उचित नहीं है।”

शनिवार तक सौंपे गए जवाब, अब अगली कार्रवाई पर टिकी निगाहें

विभागीय नोटिस मिलने के बाद शनिवार शाम तक अधिकांश शिक्षकों ने अपनी सफाई और साक्ष्यों के साथ जवाब शिक्षा विभाग को सौंप दिया है। अब देखना यह होगा कि जिला शिक्षा कार्यालय शिक्षकों के इस तर्क से कितना संतुष्ट होता है। जिले के तमाम सरकारी स्कूलों और शिक्षक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि विभाग का अगला कदम क्या होगा।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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