📍 रांची से बड़ी खबर: झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCA) में वित्तीय अनियमितताओं का पुराना मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रांची के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण में कथित गड़बड़ियों की जांच तेज कर दी है। इसी कड़ी में ईडी ने जेएससीए के मौजूदा अध्यक्ष और कांग्रेस नेता अजयनाथ शाहदेव को समन भेजकर 11 नवंबर को रांची स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया है।
यह मामला एक दशक से भी पुराना है और माना जा रहा है कि इसकी आंच जेएससीए के कई पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों तक पहुंच सकती है। ईडी की इस कार्रवाई से झारखंड के क्रिकेट जगत में हड़कंप मच गया है।
196 करोड़ के फंड में हेराफेरी का आरोप
रांची के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण में बीसीसीआई द्वारा दिए गए करीब 196 करोड़ रुपये के फंड में भारी हेराफेरी के आरोप हैं।
पूर्व रणजी खिलाड़ी उज्जवल दास और शेषनाथ पाठक ने सबसे पहले इस घोटाले को उजागर किया था। उनका कहना है कि स्टेडियम का प्रारंभिक बजट काफी कम था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर लगभग 250 करोड़ रुपये कर दिया गया, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका और गहराई।
अदालत के आदेश पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
शिकायतकर्ताओं ने तत्कालीन जेएससीए अध्यक्ष (दिवंगत) अमिताभ चौधरी, पूर्व सचिव राजेश वर्मा, और कोषाध्यक्ष गोविंदो मुखर्जी सहित कई पदाधिकारियों के खिलाफ बिष्टुपुर थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी।
लेकिन पुलिस की आनाकानी के बाद उन्होंने जमशेदपुर की अदालत में अर्जी दी, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी, जिसे अदालत ने बाद में खारिज कर दिया।
ईडी ने संभाली जांच की कमान
मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल को देखते हुए ईडी ने केस अपने हाथ में ले लिया है।
एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि बीसीसीआई से मिले फंड का कहीं दुरुपयोग तो नहीं हुआ और क्या निर्माण लागत को जानबूझकर बढ़ाया गया था ताकि अवैध कमाई की जा सके।
ईडी ने जेएससीए से 2009 से 2016 तक के सभी वित्तीय दस्तावेज़ और खर्च का पूरा विवरण मांगा है।
अजयनाथ शाहदेव से पूछताछ क्यों?
जिस अवधि (2010-2015) में स्टेडियम का निर्माण हुआ, उस समय अजयनाथ शाहदेव जेएससीए के उपाध्यक्ष थे।
ईडी अब यह जानना चाहती है कि उस दौरान उन्होंने क्या भूमिका निभाई और फंड के प्रबंधन में उनका योगदान या निर्णय प्रक्रिया में क्या हिस्सा था।
गौरतलब है कि अजयनाथ शाहदेव 2025 में जेएससीए अध्यक्ष बने हैं और उनकी टीम ने हाल ही में हुए चुनाव में शानदार जीत दर्ज की थी।
जेएससीए में विवादों का पुराना सिलसिला
यह कोई पहला मौका नहीं है जब जेएससीए विवादों में घिरा हो।
पहले भी संघ पर फंड के गलत इस्तेमाल, चयन में पक्षपात और पारदर्शिता की कमी के आरोप लगते रहे हैं।
दिवंगत अध्यक्ष अमिताभ चौधरी की पत्नी निर्मल कौर ने भी संघ के कामकाज पर भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के गंभीर आरोप लगाए थे, जिनकी जांच फिलहाल केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं।
ईडी की इस नई जांच से झारखंड क्रिकेट की साख एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अब देखना यह होगा कि आगामी पूछताछ के बाद इस “पुराने घोटाले” से क्या नए खुलासे सामने आते हैं और क्या जेएससीए का यह विवाद फिर किसी बड़े राजनीतिक मोड़ की ओर बढ़ेगा।









