Ranchi | झारखंड के विकास की रफ्तार को ‘सुपरफास्ट’ बनाने के लिए हेमंत सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा दांव खेल दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई में आगामी 8 और 9 जुलाई 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली में एक हाई-प्रोफाइल ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन’ होने जा रहा है, जिससे राज्य में निवेश की बाढ़ आने की उम्मीद है।
दावोस (विश्व आर्थिक मंच) में मिली वैश्विक पहचान के बाद, झारखंड अब ‘विज़न 2050’ के बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सीधे दिल्ली से देश-विदेश के दिग्गज उद्योगपतियों, नीति निर्धारकों और तकनीकी विशेषज्ञों को साधने की तैयारी में है।
इस मेगा इवेंट का न्योता देने के लिए खुद आईटी विभाग की सचिव श्रीमती पूजा सिंघल और उद्योग विभाग के सचिव श्री अरवा राजकमल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की है। शासन स्तर पर इस समय दिल्ली समिट को लेकर हलचल बेहद तेज हो चुकी है।
आईटी, एआई और डिजिटल गवर्नेंस पर होगा महामंथन
प्रशासनिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, इस दो दिवसीय आयोजन का पहला दिन पूरी तरह से फ्यूचर टेक्नोलॉजी के नाम रहेगा। पहले सत्र में ‘डिजिटल गवर्नेंस और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर’ पर देश के शीर्ष माइंड्स चर्चा करेंगे।
- B2G मीटिंग्स: सरकार और टेक कंपनियों के बीच सीधे बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बातचीत होगी, जिससे ऑन-द-स्पॉट फैसले लिए जा सकें।
- झारखंड AI पॉलिसी: पहले दिन का मुख्य आकर्षण ‘झारखंड में एआई (AI) भविष्य को आकार देना’ सत्र होगा, जिसमें राज्य की नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति का ड्राफ्ट सामने रखा जाएगा।
- MoU पर हस्ताक्षर: सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग कई बड़ी टेक कंपनियों के साथ अहम समझौतों (MoUs) पर मुहर लगाएगा।
ग्राउंड रिपोर्ट: रांची से लेकर दिल्ली तक जमीनी तैयारी तेज
मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि यह केवल एक मीटिंग नहीं, बल्कि झारखंड की अर्थव्यवस्था का टर्निंग पॉइंट बनने जा रहा है। अधिकारियों की टीम दिल्ली के फाइव-स्टार वेन्यू पर तकनीकी और प्रेजेंटेशन से जुड़े पहलुओं को अंतिम रूप दे रही है। राज्य सरकार अपनी कोर थीम “एक्सप्लोर इंफिनाइट अपॉर्चुनिटीज” (Explore Infinite Opportunities) को सच करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
विशेष सचिव, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (श्री राजीव लोचन बक्शी): “बदलते वैश्विक परिवेश को देखते हुए झारखंड में आईटी, एआई और औद्योगिक विकास की असीम संभावनाएं हैं। यह आयोजन राज्य में केवल निवेश ही नहीं लाएगा, बल्कि हमारे युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर हजारों हाई-टेक नौकरियों के रास्ते खोलेगा।”
निवेश, पर्यटन और बड़े समझौतों का दूसरा दिन
समिट के दूसरे दिन का फोकस सीधे ग्राउंड इन्वेस्टमेंट और टूरिज्म पर शिफ्ट हो जाएगा। झारखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक खूबसूरती को वैश्विक मंच पर पेश कर निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा।
इस दौरान नए उद्योगों की स्थापना के लिए Jharkhand Investment Promotion Policy, Textile Policy, और JIADA Regulations का कॉन्सेप्ट पेपर स्टेकहोल्डर्स के सामने रखा जाएगा ताकि उनके लाइव फीडबैक के आधार पर अंतिम नीति बनाई जा सके। दूसरे दिन के अंतिम चरण में कई बड़े औद्योगिक घरानों के साथ एमओयू साइन होंगे और नए डिजिटल पोर्टल्स की लॉन्चिंग होगी। कार्यक्रम का समापन झारखंड की समृद्ध कला और लोक नृत्य के रंगारंग प्रदर्शन के साथ होगा।
क्या उम्मीदें हैं इस मेगा शो से?
झारखंड सरकार का यह कदम दिखाता है कि राज्य अब केवल माइनिंग (खनन) पर निर्भर नहीं रहना चाहता, बल्कि अपनी पहचान एक ग्लोबल आईटी और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में बनाना चाहता है। ‘विज़न 2050’ की कामयाबी इस बात पर टिकी होगी कि दिल्ली में होने वाले इन समझौतों को जमीनी धरातल पर कितनी तेजी से उतारा जाता है। अगर यह कंसल्टेशन सफल रहता है, तो आने वाले महीनों में झारखंड के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।











