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PESA Act पर झारखंड कैबिनेट की मुहर, ग्राम सभा को मिला खनन, जमीन और वन निर्णायक अधिकार

Ranchi | झारखंड में आदिवासी स्वशासन को मजबूती देने की दिशा में बड़ा फैसला हुआ है। हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मंगलवार को पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 को औपचारिक मंजूरी दे दी गई। अधिसूचना जारी होते ही यह नियमावली राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में लागू हो जाएगी।

कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बैठक के बाद बताया कि पेसा नियमावली लागू होने से ग्राम सभाएं पहले से अधिक सशक्त होंगी। नए प्रावधानों के तहत ग्राम पंचायतों को खनन, भूमि अधिग्रहण और वन भूमि से जुड़े मामलों में वैधानिक भूमिका मिलेगी। योजनाओं की प्राथमिकता तय करने में ग्राम सभा की निर्णायक भागीदारी सुनिश्चित होगी।

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ग्राम सभा को कौन-कौन से अधिकार

पेसा नियमावली के तहत ग्राम सभा को अपने क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर सहमति और निगरानी का अधिकार मिलेगा। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में ग्राम सभा की स्वीकृति अहम होगी। वन संसाधनों के संरक्षण, उपयोग और प्रबंधन से जुड़े फैसलों में भी ग्राम सभा की भूमिका स्पष्ट की गई है।

पारंपरिक ग्राम सभाओं को मान्यता

नियमावली में पारंपरिक ग्राम सभाओं को विशेष तरजीह दी गई है। प्रत्येक ग्राम सभा अपनी परंपराओं को अधिसूचित करेगी। स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुरूप विकास योजनाएं बनाने का अधिकार भी ग्राम सभाओं को मिलेगा।

किन इलाकों में लागू होगा पेसा

अधिसूचना जारी होते ही पेसा एक्ट राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में लागू होगा। इसके दायरे में झारखंड के 15 जिले आएंगे। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ेगी और विकास कार्य जमीन से जुड़ेंगे।

प्रशासन और कानूनी पृष्ठभूमि

राज्य सरकार ने पहले ही झारखंड हाईकोर्ट में पेसा नियमावली के ड्राफ्ट पर स्थिति स्पष्ट की थी। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद नियमावली को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।

कैबिनेट बैठक के अन्य प्रमुख फैसले

मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 39 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इनमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन की स्वीकृति शामिल है। दुमका में 7.546 किमी सड़क निर्माण के लिए 31.87 करोड़ रुपये और जमशेदपुर में 10.274 किमी सड़क के पुनर्निर्माण के लिए 41.24 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

शिक्षा, पोषण और सामाजिक योजनाएं

मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत टेक होम राशन (THR) के निर्बाध वितरण के लिए अनुबंध अवधि विस्तार को मंजूरी मिली। मिशन वात्सल्य के तहत बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों के संचालन की मार्गदर्शिका भी स्वीकृत की गई।

रोजगार, सेवा और वेतन से जुड़े निर्णय

कई मामलों में उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में सेवा नियमितीकरण और वित्तीय लाभ की स्वीकृति दी गई। झारखंड अग्निशमन सेवा के अराजपत्रित पदों के वेतनमान में संशोधन और विभिन्न विभागों में पद सृजन के प्रस्ताव भी पास हुए।

जनता और आदिवासी समाज पर असर

विशेषज्ञों के मुताबिक पेसा नियमावली लागू होने से आदिवासी इलाकों में स्थानीय स्वशासन मजबूत होगा। जमीन, जंगल और खनिज पर स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ेगी। इससे टकराव कम होने और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

सरकार जल्द ही नियमावली की अधिसूचना जारी करेगी। इसके बाद जिलों में प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि ग्राम सभाएं अपने अधिकारों का प्रभावी उपयोग कर सकें। निगरानी तंत्र को भी मजबूत करने की तैयारी है।

पेसा नियमावली 2025 को मंजूरी झारखंड में विकेंद्रीकृत शासन की दिशा में निर्णायक कदम है। ग्राम सभाओं को मिले अधिकार स्थानीय विकास को नई गति देने की क्षमता रखते हैं।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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