झारखंड शराब व्यापारी बैठक: रिन्यूअल और बैंक गारंटी पर बड़े फैसले

झारखंड शराब व्यापारी बैठक: रिन्यूअल और बैंक गारंटी पर बड़े फैसले

Ranchi | झारखंड के शराब व्यवसाय में पिछले काफी समय से चली आ रही खींचतान और व्यावहारिक समस्याओं पर आज विराम लगता नजर आया। झारखंड शराब व्यापारी संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज उत्पाद सचिव के साथ लगभग एक घंटे तक मैराथन बैठक की। इस बैठक में व्यापारियों की तीन सबसे बड़ी मांगों को न केवल सुना गया, बल्कि उत्पाद सचिव ने मौके पर ही उन पर मुहर लगा दी। इस फैसले का सीधा असर राज्य के राजस्व और शराब की उपलब्धता पर पड़ने वाला है।

लाइसेंस रिन्यूअल और बैंक गारंटी पर आर-पार का फैसला

बैठक का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु लाइसेंस नवीनीकरण (Renewal) रहा। उत्पाद सचिव ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी लाइसेंसी 7 फरवरी 2026 तक अपनी दुकानों का नवीनीकरण शुल्क जमा कर दें। यदि निर्धारित तिथि तक शुल्क जमा हो जाता है, तो विभाग द्वारा रिन्यूअल को तत्काल मान्य कर लिया जाएगा।

इसके अलावा, व्यापारियों की एक पुरानी और बड़ी चिंता बैंक गारंटी (Bank Guarantee) को लेकर थी। सचिव ने उत्पाद आयुक्त को सख्त आदेश दिया है कि जिन व्यापारियों की बैंक गारंटी विभाग के पास पहले से जमा है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर हर हाल में वापस किया जाए। इस फैसले से व्यापारियों की फंसी हुई पूंजी (Working Capital) मुक्त होगी, जिससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी।

2 नंबर की शराब का होगा खेल खत्म? सचिव ने दिए नष्ट करने के आदेश

बैठक में एक चौंकाने वाला मुद्दा अवैध शराब यानी ‘2 नंबर’ के धंधे को लेकर उठा। शराब व्यापारी संघ ने गंभीर आरोप लगाया कि पकड़ी गई अवैध शराब का कोई स्पष्ट मालखाना नहीं है, जिसके कारण यही शराब घूम-फिर कर फिर से बाजार में बिकने आ जाती है।

इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उत्पाद सचिव ने आदेश दिया कि अब कोर्ट के माध्यम से ऐसी शराब को विधिवत नष्ट (Destroy) किया जाएगा। साथ ही, राज्य में अवैध शराब पर लगाम कसने के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। यह कदम न केवल अवैध कारोबार पर चोट करेगा, बल्कि वैध व्यापारियों के हितों की रक्षा भी करेगा।

डिपो पर ‘परेशान’ करने वालों की खैर नहीं, चालान का झंझट खत्म

JSBCL डिपो से शराब उठाव के दौरान लाइसेंसधारियों को गाड़ी संख्या और चालान दिखाने के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान करने की शिकायतें मिल रही थीं। सचिव ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अब नियम स्पष्ट है:

  • डिजिटल वॉलेट सिस्टम: जिन लाइसेंसधारियों ने वॉलेट में पहले से राशि जमा कर रखी है, उन्हें बार-बार चालान दिखाने की ज़रूरत नहीं होगी।
  • अनावश्यक रोक-टोक पर पाबंदी: बिना वजह गाड़ियों को रोकने वाले अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।

12.5% बढ़ी हुई राशि पर होली तक की मोहलत?

बैठक में 12.5% बढ़ी हुई अंतर राशि (Differential Amount) को लेकर भी चर्चा हुई। व्यापारियों ने सुझाव दिया कि इसे होली के बाद 10 मार्च तक जमा करने का समय दिया जाए। हालांकि, सचिव ने फिलहाल 7 फरवरी तक लाइसेंस शुल्क को प्राथमिकता देने की बात कही है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस पर भी राहत मिल सकती है।

“हम उत्पाद सचिव के सकारात्मक निर्णयों का स्वागत करते हैं। समन्वय बना रहा तो व्यापारियों की समस्याओं का समाधान समय पर होगा।” – सुबोध कुमार जयसवाल, महासचिव, झारखंड शराब व्यापारी संघ

प्रशासन के इन कड़े निर्देशों के बाद अब गेंद उत्पाद आयुक्त के पाले में है। अगले एक हफ्ते के भीतर बैंक गारंटी की वापसी और अवैध शराब के स्टॉक का निस्तारण यह तय करेगा कि सरकार और व्यापारियों के बीच का यह ‘भरोसा’ कितना मजबूत है। व्यापारियों के लिए 7 फरवरी की डेडलाइन अब सबसे बड़ी चुनौती है।

Subhash Shekhar

एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट और SEO-फोकस्ड न्यूज़ राइटर हैं। वे झारखंड और बिहार से जुड़े राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करंट अफेयर्स पर तथ्यपरक और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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