मुरी हिंडाल्‍को हादसा केस: CPCB ने मांगी ATR, प्रदूषण की शिकायतों पर सख्ती

मुरी हिंडाल्‍को हादसा केस: CPCB ने मांगी ATR, प्रदूषण की शिकायतों पर सख्ती

Ranchi: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने झारखंड में प्रदूषण से जुड़ी शिकायतों पर गंभीरता दिखाते हुए झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। यह निर्देश क्षेत्रीय निदेशालय, कोलकाता की ओर से 29 सितंबर 2025 को जारी किया गया है।

पत्र के अनुसार, झारखंड में प्राप्त कई प्रदूषण और पर्यावरणीय शिकायतों पर जांच की प्रक्रिया तेज करने का आदेश दिया गया है। विशेष रूप से, एक शिकायत 9 मई 2025 की है, जिसमें मैसर्स हिंडाल्‍को इंडस्ट्रीज लिमिटेड, मुरी (झारखंड) में हुए हादसे का उल्लेख किया गया है। इस हादसे में प्रभावित श्रमिकों के मुआवजे और आवास से जुड़ी शिकायत दर्ज की गई थी।

प्रभावित श्रमिकों को मुआवजा और आवास देने की मांग

कोलकाता क्षेत्रीय निदेशालय के क्षेत्रीय निदेशक मृणाल कांति विश्वास द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस मामले की जांच करे और अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट (ATR) भेजे।

पत्र में यह भी कहा गया है कि रिपोर्ट की एक प्रति केंद्रीय कार्यालय (Head Office) को भी भेजी जाए। यदि इस मामले में पहले से कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है, तो तत्काल कार्रवाई कर अद्यतन रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है।

यह निर्देश उस समय आया है जब स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रभावित मजदूरों ने कंपनी पर पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और श्रमिक सुरक्षा की अनदेखी का आरोप लगाया है।

सीपीसीबी ने झारखंड बोर्ड से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

केंद्रीय बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि झारखंड में प्रदूषण से संबंधित सभी लंबित शिकायतों की अद्यतन स्थिति साझा की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी औद्योगिक दुर्घटना के बाद प्रभावित श्रमिकों को उचित मुआवजा, स्वास्थ्य सुविधाएं और आवास सहायता दी जाए।

इस मामले में शिकायतकर्ता गौतम सिंह, अध्यक्ष, अबुआ अधिकार मंच, रांची हैं। उन्होंने मुरी की हिल्डेल इंडस्ट्रीज में हुई घटना के बाद कई श्रमिकों के प्रभावित होने की जानकारी दी थी।

पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन पर सख्त रवैया

सीपीसीबी द्वारा भेजा गया यह पत्र इस बात का संकेत है कि देशभर में पर्यावरणीय नियमों के पालन को लेकर केंद्र सरकार सख्त रवैया अपना रही है। औद्योगिक इकाइयों द्वारा पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी पर अब जवाबदेही तय की जाएगी।

झारखंड जैसे औद्योगिक राज्य में प्रदूषण और श्रमिक सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें अक्सर सामने आती हैं। अब केंद्रीय बोर्ड की सक्रियता से उम्मीद की जा रही है कि दोषी इकाइयों पर जल्द कार्रवाई होगी और पीड़ितों को न्याय मिलेगा।

इस पत्र की प्रतिलिपि शिकायतकर्ता गौतम सिंह को भी भेजी गई है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और जांच की प्रगति पर निगरानी रखी जा सके।

Subhash Shekhar

एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट और SEO-फोकस्ड न्यूज़ राइटर हैं। वे झारखंड और बिहार से जुड़े राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करंट अफेयर्स पर तथ्यपरक और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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