Hazaribagh | हजारीबाग के कटकमदाग में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ एक अर्द्धनिर्मित सेप्टिक टैंक में बनी जहरीली गैस की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
यह पूरी घटना अवैध महुआ शराब के काले कारोबार से जुड़ी है। टैंक के भीतर लंबे समय से छिपाकर रखी गई महुआ शराब की वजह से ही यह जानलेवा और जहरीली गैस बनी थी, जिसने पूरे हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया।
घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और गांव में सन्नाटा पसरा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस हादसे ने अवैध शराब के धंधे पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सेप्टिक टैंक बना ‘गैस चैंबर’, एक-एक कर खत्म हो गईं तीन जिंदगियां
ग्राउंड से मिल रही जानकारी के मुताबिक, कटकमदाग थाना क्षेत्र के इस गांव में मंगलवार की रात आम रातों जैसी नहीं थी। घर के पास बने एक आधे अधूरे सेप्टिक टैंक का इस्तेमाल काफी समय से अवैध रूप से महुआ शराब को छिपाकर रखने के लिए किया जा रहा था। बंद टैंक के भीतर महुआ के सड़ने और रासायनिक बदलाव के कारण साइलेंट किलर यानी जहरीली गैस बन चुकी थी, जिससे घर के लोग पूरी तरह अनजान थे।
मंगलवार रात सबसे पहले चमेली देवी टैंक के भीतर रखी महुआ शराब को निकालने के लिए नीचे उतरी थीं। लेकिन पैर रखते ही वो गैस की चपेट में आ गईं और चंद मिनटों में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
माँ को बचाने दौड़ा बेटा, बचाने वाले तीनों समा गए मौत के मुंह में
जब चमेली देवी काफी देर तक बाहर नहीं आईं, तो बाहर खड़े उनके बेटे रवि साव को अनहोनी का अहसास हुआ। वह अपनी माँ को बचाने के लिए बिना कुछ सोचे-समझे टैंक के अंदर कूद गया। जहरीली गैस इतनी खतरनाक थी कि रवि भी वहीं अचेत हो गया। इसके बाद दोनों को निकालने के लिए चाचा मदन साव ने भी टैंक में छलांग लगा दी, लेकिन अफसोस कि वह भी वापस नहीं लौट सके।
गांव के एक चश्मदीद ने कांपती आवाज में बताया: “सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। चीख-पुकार सुनकर आनंद साव भी तीनों को बाहर खींचने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन गैस के असर से वह भी वहीं गिर पड़ा। अगर गांव वाले सही समय पर उसे बाहर नहीं खींचते, तो आज चौथी लाश उठती।”
अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा आनंद, गांव में पसरा मातम
इस भयानक हादसे में गंभीर रूप से झुलसे और बेहोश हुए आनंद साव को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक आनंद की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में ऑब्जर्वेशन पर रखा गया है।
इधर घटना के बाद से पूरे कटकमदाग इलाके में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग इस बात से हैरान और डरे हुए हैं कि उनके बीच ही चल रहा शराब का यह खेल इतना बड़ा काल बन जाएगा।
पुलिसिया कार्रवाई: अवैध शराब के नेटवर्क को खंगालने में जुटी टीम
सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में पुलिस भी इस बात को मान रही है कि सेप्टिक टैंक का इस्तेमाल महुआ शराब को स्टॉक करने के लिए किया जा रहा था।
स्थानीय प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि इस अवैध कारोबार के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस ने गांव के कुछ संदिग्ध ठिकानों पर भी छापेमारी शुरू कर दी है ताकि इस काले धंधे की पूरी चेन को तोड़ा जा सके।
अगला कदम: प्रशासन की सख्ती और सिस्टम पर सवाल (What Next?)
इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में फल-फूल रहे अवैध महुआ शराब निर्माण के खतरनाक पहलू को उजागर कर दिया है। अब देखना यह है कि क्या हजारीबाग जिला प्रशासन केवल इस घटना की जांच तक सीमित रहता है, या फिर पूरे जिले में ऐसे अवैध और खतरनाक ठिकानों के खिलाफ कोई बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। स्थानीय लोगों की मांग है कि गांव-गांव में छिपे ऐसे ‘मौत के कुओं’ को जल्द से जल्द नष्ट किया जाए ताकि आगे किसी और का घर न उजड़े।
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