रांची। झारखंड में सर्दी का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण पूरा राज्य शीतलहर की चपेट में है। शनिवार को लोहरदगा राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। घने कोहरे और गिरती विजिबिलिटी का असर विमान व रेल सेवाओं पर भी साफ दिखा।
राज्य के छह जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। दिन-रात बढ़ती कनकनी के साथ सुबह और शाम घना कोहरा छा रहा है। ठंडी हवा के गर्म-नम हवा से टकराने के कारण दृश्यता में भारी कमी देखी जा रही है। शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी जनजीवन प्रभावित है।
न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में):
- लोहरदगा: 3.0
- हजारीबाग: 8.1
- गुमला: 5.2
- डालटनगंज: 6.9
- रांची: 7.8
- खूंटी: 9.1
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तर-पश्चिम से आ रही शुष्क और ठंडी हवाएं झारखंड के ऊपर सक्रिय हैं। इन हवाओं के प्रभाव से रात का तापमान तेजी से गिर रहा है। सुबह-शाम बनने वाला घना कोहरा ठंड के असर को और बढ़ा रहा है। यही वजह है कि दिन में भी ठंडक बनी हुई है।
प्रशासन और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद के मुताबिक, 27 दिसंबर तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। इस दौरान कड़ाके की सर्दी और कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। प्रशासन ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी
22 दिसंबर – ऑरेंज अलर्ट:
गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और हजारीबाग जिलों में कड़ाके की ठंड की चेतावनी।
23 दिसंबर – येलो अलर्ट:
रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह और देवघर।

हवाई सेवाओं पर असर, कई उड़ानें रद्द
घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के कारण कई उड़ानें रद्द रहीं, जिनमें प्रमुख रूप से कोलकाता–रांची, दिल्ली–रांची, मुंबई–रांची और बेंगलुरु–रांची रूट शामिल हैं। यात्रियों को हवाई अड्डों पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जनजीवन पर प्रभाव
ठंड और कोहरे के कारण सड़क यातायात भी प्रभावित है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। बाजारों में भी सुबह की गतिविधियां धीमी रहीं।
आगे क्या? (Next Update)
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 27 दिसंबर के बाद ही ठंड में हल्की राहत मिल सकती है। तब तक शीतलहर का प्रभाव जारी रहेगा।
झारखंड इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से जूझ रहा है। लोहरदगा में 3 डिग्री तक गिरा पारा इस सर्दी की गंभीरता को दर्शाता है। आने वाले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रहेंगे, ऐसे में सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है।










