झारखंड में जनगणना 2027 का बिगुल: CM सोरेन ने खुद भरी अपनी डिटेल, क्या आपकी एक गलती रोक देगी सरकारी योजना का लाभ?

झारखंड में जनगणना 2027 का बिगुल: CM सोरेन ने खुद भरी अपनी डिटेल, क्या आपकी एक गलती रोक देगी सरकारी योजना का लाभ?

Ranchi | झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज एक बड़ा संदेश देते हुए जनगणना-2027 के तहत ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी कर ली है। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पर अपनी पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन के साथ मौजूद CM ने न केवल अपना पंजीकरण कराया, बल्कि राज्य की सवा तीन करोड़ जनता के लिए एक बड़ी चेतावनी और अपील भी जारी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह महज एक सरकारी आंकड़ा नहीं, बल्कि आपके हक और आने वाली योजनाओं की सटीक पहुंच का सबसे बड़ा आधार है।

अगले 45 दिन झारखंड के लिए बेहद अहम: क्या है पूरा शेड्यूल?

जनगणना अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को डिजिटल पोर्टल की बारीकियों से अवगत कराया। राज्य में इस बार जनगणना को दो चरणों में बांटा गया है, जिसमें तकनीक का भरपूर इस्तेमाल हो रहा है:

  • 01 मई से 15 मई: यह समय ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) के लिए है, जहाँ नागरिक खुद पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
  • 16 मई से 14 जून: इस दौरान प्रगणक (Enumerators) आपके दरवाजे पर आएंगे। वे ‘मकान सूचीकरण’ और ‘मकान गणना’ का कार्य करेंगे।

“आंकड़ा नहीं, भविष्य का आधार”— क्षेत्रीय भाषाओं पर CM का जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जनगणना कार्य में क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार कर्मियों को प्राथमिकता दी जाए। CM सोरेन का मानना है कि भाषा की दीवार के कारण अक्सर ग्रामीण इलाकों में डेटा गलत दर्ज हो जाता है, जिससे पात्र लोग सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।

“जनगणना सिर्फ कागजों पर संख्या गिनना नहीं है, बल्कि यह आम आदमी के भविष्य को सही दिशा देने का माध्यम है। सटीक डेटा होगा तभी सरकार की योजनाएं सही व्यक्ति के घर तक पहुँचेंगी।”हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री

प्रशासन की क्या है तैयारी?

रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और नगर आयुक्त सुशांत गौरव के अनुसार, पूरे राज्य में प्रशासनिक मशीनरी को एक्टिव कर दिया गया है। डिजिटल साक्षरता को देखते हुए इस बार तकनीक पर विशेष जोर है। यह जनगणना इसलिए भी खास है क्योंकि इसी के आधार पर भविष्य में निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन और आरक्षण की नीतियां तय हो सकती हैं।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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