Ranchi | झारखंड की राजनीति में खरमास (जनवरी 2026) के बाद एक बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के फेरबदल की पटकथा लगभग तैयार हो चुकी है। सत्ता के गलियारों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, इस बार परफॉर्मेंस के आधार पर कई बड़े मंत्रियों की कुर्सी जा सकती है, वहीं कुछ नए और चौंकाने वाले नाम कैबिनेट में शामिल किए जा सकते हैं।
ग्रामीण विकास विभाग पर सबसे ज्यादा मंथन
सरकार के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, सबसे बड़ा बदलाव ग्रामीण विकास विभाग में देखने को मिल सकता है। वर्तमान मंत्री श्रीमती दीपिका पांडे सिंह के कार्यकाल और कार्यशैली को लेकर संगठन और विधायकों के बीच भारी असंतोष है।
शिकायत है कि पिछले एक साल में ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं की रफ्तार धीमी रही है। कई विधायकों ने दबी जुबान में मुख्यमंत्री तक यह बात पहुंचाई है कि उनके क्षेत्रों में विकास कार्य ठप पड़े हैं और विभागीय मंत्री व सचिव के बीच तालमेल की कमी साफ झलक रही है।
अनूप सिंह को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
ग्रामीण विकास विभाग में बदलाव की चर्चाओं के बीच बेरमो विधायक कुमार जयमंगल (अनूप सिंह) का नाम तेजी से उभरा है। कांग्रेस कोटे से उन्हें मंत्री बनाए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनूप सिंह पिछले विस्तार में भी रेस में सबसे आगे थे, लेकिन समीकरण अंतिम समय में बदल गए थे। इस बार पार्टी नेतृत्व उन्हें मौका देकर संगठन को मजबूत करने का संदेश दे सकता है।
वित्त मंत्री की कार्यशैली से आलाकमान नाराज?
मंत्रिमंडल फेरबदल की आंच वित्त विभाग तक भी पहुंचती दिख रही है। सूत्रों का दावा है कि वर्तमान वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर की कार्यप्रणाली कांग्रेस की विचारधारा से मेल नहीं खा रही है। पार्टी के एक धड़े का मानना है कि भाजपा से आने के बावजूद उनकी कार्यशैली में बदलाव नहीं आया है, जिससे सरकार की नीतियों के क्रियान्वयन में बाधा आ रही है।
वित्त विभाग के लिए अब कांके विधायक सुरेश बैठा और वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव के नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। रामेश्वर उरांव का प्रशासनिक अनुभव और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ उनके पुराने विश्वसनीय संबंध उन्हें इस रेस में आगे रखते हैं।
कांग्रेस का नया फॉर्मूला: 3 पुरुष + 1 महिला
कैबिनेट विस्तार में कांग्रेस अपने कोटे के मंत्रियों के समीकरण को भी सुधारने की तैयारी में है। पिछली सरकारों में कांग्रेस कोटे से सभी चार मंत्री पुरुष हुआ करते थे, जबकि वर्तमान में दो पुरुष और दो महिला मंत्री हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बार “3 पुरुष और 1 महिला” के फॉर्मूले पर सहमति बन सकती है। इसका सीधा मतलब है कि महिला मंत्रियों की संख्या घटाकर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के लिए पुरुष विधायकों को मौका दिया जा सकता है।
झामुमो और राजद कोटे में भी बदलाव संभव
सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) भी अपने कोटे में बदलाव कर सकते हैं।
- JMM: पूर्व मंत्री रामदास सोरेन के पुत्र और घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन को मंत्री पद दिए जाने की चर्चा जोरों पर है।
- RJD: वर्तमान मंत्री संजय प्रसाद यादव की जगह सुरेश पासवान को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फिलहाल पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। माना जा रहा है कि जनवरी 2026 के पहले या दूसरे सप्ताह में राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है। यह फेरबदल आगामी चुनौतियों और सरकार की छवि को और बेहतर बनाने की रणनीति का हिस्सा है।









