Ranchi | मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में झारखंड के विकास और सरकारी तंत्र में सुधार को लेकर कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगा दी गई है। राज्य सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सरकारी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए 26 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। कैबिनेट के इन फैसलों का सीधा असर राज्य के आदिम जनजातियों, युवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर पड़ने वाला है।
हेमंत कैबिनेट ने सबसे बड़ा तोहफा आदिम जनजाति समूहों (PVTG) को दिया है। मनरेगा के तहत अब तक मिलने वाले 100 दिनों के अनिवार्य रोजगार को बढ़ाकर अब 150 दिन कर दिया गया है, यानी आदिम जनजातियों को 50 दिनों का अतिरिक्त रोजगार मिलेगा। झारखंड में रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास के लिहाज से इसे एक ऐतिहासिक और जमीन बदलने वाला कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग से लेकर प्रशासनिक अमले में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। जहां एक तरफ विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करके लौटे छात्रों (Foreign Medical Graduates) को राज्य में इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड (वृत्तिका) देने का रास्ता साफ हो गया है, वहीं चाईबासा के बन्दगाँव में तैनात चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशिकान्त प्रसाद को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
41 अरब से चमकेगा रिम्स 2, IIM राँची बनेगा पार्टनर
झारखंड के स्वास्थ्य ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार ने ₹41,89,41,26,604 (41 अरब से अधिक) की भारी-भरकम राशि के साथ ‘राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान II’ (RIMS 2) की स्थापना को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। योजना को समय पर और पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए JAGRITI PMU का गठन किया गया है।
इस महापरियोजना की सबसे खास बात यह है कि IIM राँची को ‘Centre of Excellence’ के रूप में और XISS राँची को ‘Impact Assessment’ (प्रभाव मूल्यांकन) के लिए सीधे कार्य आवंटित किया गया है। इसके लिए वित्त नियमावली के नियमों में ढील दी गई है ताकि काम बिना किसी प्रशासनिक देरी के तेजी से आगे बढ़ सके।
सचिवालय और समाहरणालय के लिए नई नियमावली 2026 मंजूर
सरकारी दफ्तरों में कामकाज को सुचारू बनाने और कर्मचारियों की प्रोन्नति (Promotion) के विवादों को खत्म करने के लिए सरकार ने तीन नई नियमावलियों के गठन को हरी झंडी दी है:
- झारखंड योजना सेवा नियमावली, 2026 का गठन।
- झारखंड राज्य समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग नियमावली-2026 को मंजूरी।
- झारखंड राज्य निम्नवर्गीय लिपिक-सह-कम्प्यूटर संचालक सेवा संवर्ग नियमावली-2026 की स्वीकृति।
भ्रष्टाचार पर चोट: अब झारखंड सरकार के अधीन नवनियुक्त सरकारी सेवकों के लिए नियुक्ति-पत्र लेते समय और पदभार ग्रहण करते वक्त “निष्ठा एवं गोपनीयता की शपथ” लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
सड़कों का जाल: 500 करोड़ से अधिक के रोड प्रोजेक्ट्स पास
झारखंड के अलग-अलग जिलों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए कैबिनेट ने बजट की तिजोरी खोल दी है। दुमका, साहेबगंज और राँची की सड़कों के कायाकल्प के लिए करोड़ों रुपये मंजूर किए गए हैं।
| पथ प्रमंडल / रूट | आवंटित राशि | कार्य का विवरण |
| गोविन्दपुर-साहेबगंज ADB पथ (SH-18), दुमका | ₹221.40 करोड़ | 51.93 किमी सड़क का टू-लेन पेव्ड सोल्डर के साथ चौड़ीकरण और मजबूतीकरण। |
| पाकुड़ (तलवा से खारू टोला भाया सलपानी) | ₹128.20 करोड़ | 17.91 किमी ग्रामीण सड़क का पथ निर्माण विभाग में ट्रांसफर और पुलों सहित पुनर्निर्माण। |
| साहेबगंज (SH-18 ADB पथ गोपलांडीह से भोगनाडीह) | ₹88.84 करोड़ | 3.72 किमी सड़क का निर्माण (भू-अर्जन और वृक्षारोपण सहित)। |
| राँची (बिरसा चौक-धुर्वा गोलचक्कर से पुलिस HQ) | ₹36.30 करोड़ | 2.69 किमी हिस्से का चौड़ीकरण, ब्यूटीफिकेशन और साइकिल ट्रैक का निर्माण। |
| चतरा (सिमरिया टण्डवा पथ) | ₹33.76 करोड़ | 26.85 किमी सड़क की राइडिंग क्वालिटी में सुधार (IRQP)। |
श्रावणी मेले के लिए सुरक्षा चाक-चौबंद, 47 अस्थायी थाने बनेंगे
देवघर में आयोजित होने वाले आगामी विश्वप्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2026 में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। कैबिनेट ने 30 जुलाई 2026 से 28 अगस्त 2026 तक के लिए 28 अस्थायी मेला ओपी (Outpost) और 19 अस्थायी यातायात ओपी के गठन को मंजूरी दी है, ताकि पूरे मेला क्षेत्र में विधि-व्यवस्था कायम रहे।
इसके साथ ही, अंतरराज्यीय जल विवाद को सुलझाते हुए सरकार ने बाणसागर परियोजना समझौता 1973 के तहत सोन नदी बेसिन के पानी को लेकर बिहार और झारखंड के बीच हुए ऐतिहासिक बंटवारे के एकरारनामा प्रारूप (Agreement Draft) पर अपनी अंतिम सहमति दे दी है।
इन फैसलों को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद एक्टिव मोड में हैं। कैबिनेट ने 08-09 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली में National Stakeholders Consultation-2026 के आयोजन को मंजूरी दी है, जहां इन बड़ी योजनाओं के लिए निवेशकों और राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के साथ ब्लूप्रिंट साझा किया जाएगा। इसके साथ ही, आगामी विधानसभा सत्र में कैग (CAG) की राज्य राजस्व प्रतिवेदन रिपोर्ट को पटल पर रखा जाएगा, जिससे पारदर्शी गवर्नेंस को बल मिलेगा।











