Jamtara | झारखंड के जामताड़ा जिले में पुलिस ने साइबर ठगी के एक गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी क्रेडिट कार्ड की समस्या दूर करने और फोनपे (PhonePe) के नाम पर कैशबैक दिलाने का झांसा देकर लोगों को निशाना बनाते थे। कार्रवाई के दौरान 8 लाख 13 हजार रुपये नकद और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
साइबर थाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी शंभू कुमार सिंह ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर डीएसपी अमित रविदास के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने नारायणपुर और करमाटांड़ थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की।
क्रेडिट कार्ड की समस्या बताकर भेजते थे फर्जी APK
पुलिस के अनुसार, आरोपियों का साइबर ठगी करने का तरीका अलग-अलग तरह के झांसों पर आधारित था। वे लोगों को फोन कर उनके क्रेडिट कार्ड में तकनीकी समस्या होने की बात कहते थे। इसके बाद समस्या दूर करने के बहाने मोबाइल पर एक संदिग्ध APK फाइल भेजते थे।
पुलिस का कहना है कि यह फाइल रम्मी ऐप के नाम पर भेजी जाती थी। आरोप है कि इसे इंस्टॉल करने के बाद आरोपियों को पीड़ित के मोबाइल तक अनधिकृत पहुंच मिल जाती थी। इसके जरिए बैंक खाते से रकम निकालने की कोशिश की जाती थी।
APK एंड्रॉयड मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करने वाली फाइल होती है। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजी गई ऐसी फाइल को इंस्टॉल करना वित्तीय और निजी जानकारी के लिए खतरनाक हो सकता है।
फोनपे के नाम पर ₹1,999 कैशबैक का झांसा
पुलिस के मुताबिक, गिरोह फोनपे के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को 1,999 रुपये का कैशबैक मिलने का फर्जी संदेश भी भेजता था।
आरोप है कि कैशबैक पाने के लालच में लोग ठगों के बताए निर्देशों का पालन कर लेते थे और साइबर धोखाधड़ी का शिकार बन जाते थे।
इस मामले में फोनपे कंपनी की किसी संलिप्तता की जानकारी सामने नहीं आई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, आरोपी कंपनी के नाम का दुरुपयोग कर रहे थे।
बोरोवा गांव में छापेमारी, ₹8.13 लाख नकद बरामद
एसपी के अनुसार, विशेष पुलिस टीम ने सबसे पहले नारायणपुर थाना क्षेत्र के बोरोवा गांव में छापेमारी की। यहां बबलू अंसारी के घर से चार मोबाइल फोन और 8 लाख 13 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।
इसके बाद पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के काशीटांड़ के पास स्थित एक आम बागान में कार्रवाई की। यहां से पप्पू मंडल (25 वर्ष) और प्रकाश कुमार मंडल (28 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की ओर से इस कार्रवाई में कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है।
दो आरोपियों के खिलाफ पहले भी दर्ज हैं मामले
पुलिस के मुताबिक, पप्पू मंडल और प्रकाश कुमार मंडल के खिलाफ पहले से साइबर अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं। इन मामलों में आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है।
हालिया कार्रवाई के बाद पुलिस आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों और कथित साइबर ठगी नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
कई राज्यों तक नेटवर्क होने की आशंका
एसपी शंभू कुमार सिंह के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की गतिविधियां केवल जामताड़ा तक सीमित नहीं थीं। पुलिस को इनके नेटवर्क के अन्य राज्यों तक फैले होने की जानकारी मिली है।
हालांकि, उपलब्ध विवरण में उन राज्यों के नाम या संबंधित मामलों की संख्या स्पष्ट नहीं की गई है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है।
फर्जी कैशबैक और APK से ऐसे रहें सावधान
यह मामला एक बार फिर अनजान लिंक, फर्जी कैशबैक संदेश और संदिग्ध मोबाइल ऐप से होने वाले साइबर जोखिम की ओर ध्यान दिलाता है।
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर APK फाइल इंस्टॉल न करें। क्रेडिट कार्ड की समस्या होने पर सीधे अपने बैंक के अधिकृत ऐप या ग्राहक सेवा से संपर्क करें। कैशबैक के नाम पर मिले संदिग्ध संदेशों पर भरोसा करने से पहले संबंधित भुगतान ऐप में जानकारी जांचें।
बैंकिंग OTP, UPI PIN और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
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