ताज़ा खबरें
लोड हो रहा है... ताज़ा खबरों के लिए बने रहें...
विज्ञापन
Tech News

त्योहारी खरीदारी में डिजिटल भुगतान कैसे रखें सुरक्षित? NPCI के 5 सुझाव

Ranchi | त्योहारों में ऑनलाइन खरीदारी करते समय आकर्षक छूट और कैशबैक के साथ डिजिटल भुगतान की सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी है। नकली वेबसाइट, संदिग्ध लिंक और फर्जी ऑफर के जरिए साइबर ठग लोगों की निजी और बैंकिंग जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने उपभोक्ताओं को सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के लिए पांच सुझाव दिए हैं। खरीदारी से लेकर भुगतान तक हर चरण में सावधानी बरतने और संदिग्ध संदेशों की आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करने की सलाह दी गई है।

Advertisement

1. अधिकृत ऐप और वेबसाइट से करें खरीदारी

एनपीसीआई के अनुसार, खरीदारी के लिए हमेशा अधिकृत ऐप और वेबसाइट का इस्तेमाल करें। वेबसाइट का पता स्वयं टाइप करें। अनजान स्रोतों से आए लिंक पर क्लिक करने और उनसे कोई फाइल डाउनलोड करने से बचें।

2. बाहरी लिंक पर भुगतान के अनुरोध से रहें सावधान

भुगतान उसी ऐप या वेबसाइट के माध्यम से करें, जहां खरीदारी कर रहे हैं। किसी दूसरी यूपीआई आईडी या बाहरी लिंक के जरिए रकम भेजने का अनुरोध मिले तो सावधानी बरतें। लेनदेन से पहले विक्रेता की जानकारी जांच लें।

3. मुफ्त वाउचर और कैशबैक के लालच में न आएं

मुफ्त वाउचर, इनाम या कैशबैक देने वाले संदिग्ध संदेशों पर भरोसा न करें। इनाम पाने के लिए पहले पैसे जमा करने की शर्त को लेकर सतर्क रहें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।

4. फोन या संदेश पर किसी को न बताएं ओटीपी

एनपीसीआई ने स्पष्ट किया है कि बैंक और भुगतान ऐप फोन या संदेश के जरिए ओटीपी नहीं मांगते। कोई व्यक्ति ओटीपी बताने के लिए कहे तो उसे साझा न करें। बिना किसी लेनदेन के ओटीपी आने पर भी सतर्क रहें।

5. जल्दबाजी के दबाव में न लें फैसला

साइबर ठग भुगतान विफल होने या बैंक खाता बंद होने का डर दिखाकर तुरंत कार्रवाई करने का दबाव बना सकते हैं। ऐसे संदेश की पुष्टि संबंधित ऐप, वेबसाइट या ग्राहक सेवा के आधिकारिक माध्यम से करें।

एनपीसीआई ने सुरक्षित लेनदेन के लिए ‘रुकें, सोचें और फिर कदम उठाएं’ का संदेश दिया है। किसी भी संदिग्ध अनुरोध पर भुगतान या गोपनीय जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है।

इसे भी पढ़ें: SBI डेटा लीक: 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में निजी जानकारी, बैंक ने शुरू की जांच

इसे भी पढ़ें: एआई एजेंट्स से कंपनियों के डेटा को खतरे का दावा, सीमित एक्सेस और निगरानी पर जोर

Related Stories & Ads

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now