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Jharkhand News

5 महीने में झारखंड के 5 मंत्री-विधायकों की तबीयत हो चुकी है खराब

झारखंड की राजनीति में इन दिनों एक रहस्यमयी माहौल बना हुआ है। पिछले 5 महीनों में राज्य के 5 मंत्री-विधायकों की तबीयत बिगड़ चुकी है। कहीं बाथरूम में गिरने की घटनाएं, तो कहीं सीने में दर्द, हार्ट सर्जरी, और वेंटिलेटर पर भर्ती तक की स्थिति आ चुकी है। यह सब देखकर लोग पूछने लगे हैं — आख़िर किसकी नज़र लगी है झारखंड के नेताओं को?

शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की गिरने के बाद तबीयत बिगड़ी

शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन, जो झारखंड सरकार में एक प्रमुख चेहरा हैं, बाथरूम में गिर गए। गिरने के बाद उनकी तबीयत इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाना पड़ा। उनका इलाज अभी जारी है और सरकार के वरिष्ठ नेता उनके स्वास्थ्य की लगातार जानकारी ले रहे हैं।

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यह घटना तब हुई जब वे अपने आवास पर थे। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, सिर पर गंभीर चोट लगने की आशंका है, जिससे उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई थी।

शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की गिरने के बाद तबीयत बिगड़ी

मंत्री हफीजुल हसन की बायपास सर्जरी

झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन को दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी हो गई थी। गुड़गांव के एक नामचीन अस्पताल में उनकी बायपास सर्जरी की गई। यह स्थिति भी अचानक आई जब वे लगातार थकावट और सांस की तकलीफ महसूस कर रहे थे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने अस्पताल जाकर मंत्री का हालचाल लिया। झारखंड के मंत्री विधायकों की तबीयत बिगड़ने की कड़ी में यह एक बड़ा उदाहरण बना।

मंत्री हफीजुल हसन की बायपास सर्जरी

सीने में दर्द के बाद योगेंद्र महतो अस्पताल में भर्ती

झारखंड के उत्पाद मंत्री योगेंद्र महतो को मई में अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। जाँच में कोई बड़ा हृदय संबंधित रोग नहीं मिला, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें आराम और परहेज़ की सख्त हिदायत दी है।

यह दूसरी बार है जब झारखंड के मंत्री विधायकों की तबीयत इस तरह बिगड़ी। योगेंद्र महतो को कुछ दिनों बाद छुट्टी तो मिल गई, लेकिन उनकी स्थिति ने सरकार को सतर्क कर दिया है।

सीने में दर्द के बाद योगेंद्र महतो अस्पताल में भर्ती

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर को खांसी और फेफड़े की दिक्कत

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, जो बजट सत्र के दौरान बेहद सक्रिय भूमिका में थे, अचानक तेज खांसी और फेफड़ों की तकलीफ से पीड़ित हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उन्हें भी एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाना पड़ा।

झारखंड के मंत्री विधायकों की तबीयत की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने तत्काल कदम उठाए और उन्हें राजधानी के विशेषज्ञ अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद अब वे ठीक हैं और फिर से काम पर लौट चुके हैं।

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर को खांसी और फेफड़े की दिक्कत

जेएमएम विधायक अनंत प्रताप देव भी अस्पताल में भर्ती

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के विधायक अनंत प्रताप देव की तबीयत भी हाल ही में गंभीर रूप से खराब हो गई। उन्हें रांची के मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की।

यह बात और गहरा गई जब पता चला कि वे कुछ समय से लीवर संबंधित बीमारी से जूझ रहे थे। लगातार बिगड़ती तबीयत के चलते उनका भी लंबे समय तक अस्पताल में रहना तय है।

जेएमएम विधायक अनंत प्रताप देव भी अस्पताल में भर्ती

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तबीयत बेहद नाज़ुक

झारखंड के आदिवासी नेतृत्व के प्रतीक और जेएमएम के संस्थापक शिबू सोरेन की तबीयत भी काफी बिगड़ गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 24 जून से लगातार दिल्ली में अपने पिता की देखभाल कर रहे हैं। खबरों के अनुसार, शिबू सोरेन अब वेंटिलेटर पर हैं।

झारखंड के मंत्री विधायकों की तबीयत के साथ-साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की हालत भी चिंताजनक है, जो सरकार के कामकाज पर भी असर डाल सकती है।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तबीयत बेहद नाज़ुक

कोरोना काल में दो मंत्रियों की हो चुकी है मृत्यु

इससे पहले कोरोना काल में झारखंड के दो कद्दावर मंत्रियों — जगरनाथ महतो और हाजी हुसैन अंसारी — का निधन हो चुका है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज भी उन्हें याद करते हैं।

यह लगातार हो रही स्वास्थ्य समस्याएं एक तरह की राजनीतिक चेतावनी बन गई हैं, जहां बार-बार झारखंड के मंत्री विधायकों की तबीयत खराब होना गंभीर चिंता का विषय है।

कोरोना काल में दो मंत्रियों की हो चुकी है मृत्यु

इसका प्रशासनिक और राजनीतिक असर क्या होगा?

लगातार झारखंड के मंत्री विधायकों की तबीयत बिगड़ने से:

  • राज्य का प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है
  • नीतिगत फैसले और बजट योजनाएं धीमी हो रही हैं
  • जनता में सरकार की कार्यक्षमता को लेकर सवाल उठ रहे हैं
  • राजनीतिक अस्थिरता की आशंका बढ़ रही है

झारखंड के मंत्री विधायकों की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है, और इसपर गहराई से विचार करने की ज़रूरत है। राज्य सरकार को अब नेताओं की स्वास्थ्य सुरक्षा, तनाव प्रबंधन, और समय-समय पर हेल्थ चेकअप पर गंभीरता से काम करना चाहिए।

इसका प्रशासनिक और राजनीतिक असर क्या होगा?
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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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