जलवायु चेतना की हिमालयी हुंकार: रांची में “द हिमालयन कॉन्क्लेव 2025” का आयोजन

जलवायु चेतना की हिमालयी हुंकार: रांची में “द हिमालयन कॉन्क्लेव 2025” का आयोजन

रांची: झारखंड की राजधानी रांची एक ऐतिहासिक आयोजन का गवाह बनने जा रही है। “द हिमालयन कॉन्क्लेव 2025” नामक इस भव्य आयोजन का उद्देश्य केवल पर्वतारोहण तक सीमित नहीं है, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर वैश्विक मुद्दों को जनचेतना में बदलना है। यह आयोजन ‘वॉयसेस फॉर क्लाइमेट एक्शन – काउंटडाउन बिगिंस’ मुहिम के तहत हो रहा है।

आईडिएट इन्स्पिरे इग्नाइट फाउंडेशन (13 फाउंडेशन) के संस्थापक राजीव गुप्ता इस पहल की अगुवाई कर रहे हैं। उनका मानना है कि पर्वतारोही न केवल साहसी होते हैं बल्कि पर्यावरण के सशक्त प्रवक्ता भी बन सकते हैं। उनके अनुभव आम जन को प्रकृति के प्रति ज़िम्मेदारी उठाने के लिए प्रेरित करते हैं।

प्राकृतिक चुनौतियों के बीच से उठती जलवायु चेतना

जलवायु परिवर्तन से हिमालय क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। ग्लेशियरों का तेज़ी से पिघलना, बर्फीले रास्तों का लुप्त होना और मौसम में अनिश्चितता पर्वतारोहियों की चिंता का मुख्य कारण हैं। ऐसे में यह सम्मेलन पर्यावरणीय चेतना के प्रचार-प्रसार का सशक्त मंच बन गया है।

झारखंड सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का इसमें महत्वपूर्ण सहयोग है। विभाग कैम्पा योजना के तहत इको-टूरिज्म और जलवायु-सहिष्णु पारिस्थितिक तंत्र को बढ़ावा दे रहा है।

प्राकृतिक चुनौतियों के बीच से उठती जलवायु चेतना

साझेदारियों और एमओयू से खुले नए अवसर

सम्मेलन के दौरान दो महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। पहला, 13 फाउंडेशन और मल्ला ट्रेक्स प्रा. लि. (नेपाल) के बीच, जिसके तहत भारतीय पर्वतारोहियों को नेपाल में प्रशिक्षण और भागीदारी का अवसर मिलेगा। दूसरा, ‘तेनजिंग नॉरगे एक्सीलेंस अवॉर्ड’ की स्थापना हेतु जमलिंग तेनजिंग नोर्गे और 13 फाउंडेशन के बीच हुआ।

यह पुरस्कार माउंट एवरेस्ट सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय चोटियों पर विशेष उपलब्धियों के लिए दिया जाएगा, जिससे साहसिक खेलों को नई दिशा मिलेगी।

महान पर्वतारोहियों की उपस्थिति बनी प्रेरणा का स्रोत

कार्यक्रम में कई प्रसिद्ध पर्वतारोही उपस्थित रहेंगे, जिनमें पद्मश्री प्रेमलता अग्रवाल, जमलिंग तेनजिंग नोर्गे, अनिद्रय मुखर्जी, लेफ्टिनेंट छॉजिन अंगमो (100% दृष्टिहीन), काम्या कार्तिकेयन, और वी. कार्तिके जैसे नाम शामिल हैं। इनकी कहानियाँ आम जन को न केवल प्रेरित करेंगी, बल्कि जलवायु के प्रति उनकी सोच में बदलाव लाएँगी।

प्रमुख विषयों पर होगी गहन चर्चा

कॉन्क्लेव में जिन मुद्दों पर चर्चा होगी, उनमें शामिल हैं – जलवायु कार्रवाई की रणनीति, महिला भागीदारी, साहसिक खेलों में युवाओं की भूमिका, साइबर सुरक्षा, फिटनेस और हिमालयी क्षेत्रों की अन्वेषण क्षमता।
इस आयोजन के मुख्य प्रायोजकों में टाटा स्टील, अडानी पावर, साइबरपीस, सीसीएल, जीवह हेल्थकेयर और फजेसीसीआई जैसे प्रतिष्ठान शामिल हैं।

“द हिमालयन कॉन्क्लेव 2025” केवल एक पर्वतारोहण कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। यह भारत के पर्यावरणीय विमर्श को नया आयाम दे रहा है। पर्वतों की ऊँचाइयों से उठी ये आवाज़ अब वैश्विक मंच पर गूंजने को तैयार है – जलवायु चेतना की यह शुरुआत बदलाव की दिशा तय करेगी।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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