रांची: प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार राय, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, और प्रमुख विधायकगण उपस्थित रहे। बैठक में राज्य की राजनीतिक स्थिति और सरकार की नीतियों पर व्यापक चर्चा की गई।
भाजपा विधायक एवं मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का विकास से कोई लेना-देना नहीं है। हेमंत सरकार केवल तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त है और नाम बदलने की राजनीति के माध्यम से राष्ट्रनायकों का अपमान कर रही है।
“नाम बदलकर नहीं रुक सकती राष्ट्र की चेतना” — नवीन जायसवाल
मुख्य सचेतक जायसवाल ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नामों से छेड़छाड़ को घोर अपमान बताया। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ दो महान पुरुषों का नहीं, बल्कि पूरे देश और राज्य की अस्मिता का अपमान है।
उनका कहना था कि राज्य सरकार मदर टेरेसा के नाम पर नई योजनाओं की आड़ में धर्मांतरण को बढ़ावा दे रही है। गांवों में चंगाई सभा और मदर टेरेसा क्लीनिक जैसे माध्यमों से यह सरकार सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर रही है।
“रिम्स-2 और सीजीएल भ्रष्टाचार की आड़ में किसानों का शोषण”
जायसवाल ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि रिम्स-2 के नाम पर किसानों की जमीन छीनी जा रही है, जबकि भारी बारिश के कारण फसलें पहले ही तबाह हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि सब्जी, धान, और भदई फसलें बर्बादी की कगार पर हैं, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है।
वहीं, सीआईडी जांच के नाम पर सीजीएल परीक्षा में हुए व्यापक भ्रष्टाचार को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा ने मांग की कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
“मतदाता पुनरीक्षण में भी साजिश, रोहिंग्याओं को संरक्षण”
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर सरकार की आपत्ति, बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को बचाने की साजिश है। पार्टी ने कहा कि यह लोकतंत्र की नींव के साथ खिलवाड़ है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही जायसवाल ने पिछड़ा वर्ग को 27% आरक्षण देने की सरकार की कथित मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार की नीयत साफ है, तो निकाय चुनावों में इसे लागू क्यों नहीं किया गया?
“कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा बनेगी विधानसभा में मुद्दा”
बैठक में राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था और महिलाओं के साथ बढ़ते अपराधों पर भी गहरी चिंता जताई गई। पार्टी ने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा सत्र में यह सभी मुद्दे जोर-शोर से उठाए जाएंगे।
निष्कर्षतः, भाजपा विधायक दल ने साफ संकेत दिया है कि वह जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने और जवाबदेही तय करने के लिए तैयार है। वहीं, हेमंत सरकार पर लगातार तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और कुशासन के आरोप लगाते हुए भाजपा ने राज्य की जनता के सामने एक वैकल्पिक दिशा देने का संकेत दिया है।








