Uttarkashi Cloudburst: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के तहसील भटवाड़ी स्थित हर्षिल थाना क्षेत्र अंतर्गत खीर गाढ़ में मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे बादल फटने की घटना सामने आई। इस प्राकृतिक आपदा से धराली बाजार में भारी मलबा घुस आया, जिससे कई होटल, दुकानें और आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन विभाग, सेना, पुलिस व स्थानीय प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य प्रारंभ कर दिए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त जवानों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है।
हेलीकॉप्टर से वायु सहायता के प्रयास तेज
उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से घटनास्थल की दूरी लगभग 80 किलोमीटर है। राहत कार्यों को गति देने के लिए वायु सेना से दो एमआई हेलीकॉप्टर और एक चिनूक हेलीकॉप्टर की सहायता मांगी गई है। वहीं, यूकाडा के दो हेलीकॉप्टर भी स्टैंडबाय पर रखे गए हैं।
राज्य सरकार ने एम्स ऋषिकेश और दून अस्पताल में अतिरिक्त बेड आरक्षित कर दिए हैं। स्थानीय अस्पतालों जैसे हर्षिल पीएचसी, भटवाड़ी पीएचसी और जिला अस्पताल उत्तरकाशी में घायल लोगों के इलाज के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।
आपदा प्रबंधन में प्रशासन की तत्परता
मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु ने प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय को घटना की जानकारी दी है। केंद्र सरकार ने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। साथ ही राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) में डीजीपी दीपम सेठ, गृह सचिव शैलेश बगौली, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे, एडीजी ए.पी. अंशुमान व अन्य अधिकारी राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए विशेष उपकरण जैसे थर्मल इमेजिंग कैमरा, ड्रोन, डायमंड चेन शॉ आदि एसडीआरएफ द्वारा भेजे गए हैं। सड़कों को खोलने के लिए आवश्यक संसाधन भी मौके पर रवाना कर दिए गए हैं, ताकि राहत दल आसानी से पहुंच सकें।

शिक्षण संस्थानों में अवकाश की घोषणा
मौसम विभाग द्वारा जारी भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए उत्तराखंड के कई जिलों—अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग, चंपावत, पौड़ी और उधमसिंह नगर—में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
धराली क्षेत्र में बेहतर समन्वय के लिए शासन ने तीन आईएएस अधिकारियों की तैनाती की है। अब तक 80 स्थानीय लोगों को सुरक्षित रिलीफ कैंपों में पहुंचाया गया है, जहां भोजन, पानी और चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
केदारनाथ यात्रा पर रोक, अलर्ट पर पुलिस
रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा मार्ग भी बाधित हुआ है। सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच मलबा और पत्थर गिरने से रास्ता बंद कर दिया गया है। एसपी रुद्रप्रयाग अक्षय प्रल्हाद कोंडे ने कहा है कि यात्रियों को फिलहाल जहां हैं, वहीं सुरक्षित रुकने की सलाह दी गई है।
अलर्ट के मद्देनजर जिले की सभी नदियों के किनारे जाने से बचने की अपील की गई है। पुलिस बल पूरी तरह सतर्क है और सभी यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर:
उत्तरकाशी जिला – 01374-222722, 7310913129, 7500737269 | टोल फ्री – 1077
राज्य स्तर – 0135-2710334, 2710335, 8218867005, 9058441404 | टोल फ्री – 1070
ईआरएसएस – 112
उत्तरकाशी की यह आपदा फिर एक बार हिमालयी क्षेत्रों की नाजुक पारिस्थितिकी और आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर करती है। राहत कार्य जारी हैं, लेकिन मौसम की मार और भूगोल की जटिलता से निपटना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।











