बजट 2026: क्या आपकी जेब भरेगी या खाली होगी? जानें टैक्स से लेकर दवाइयों तक, आम आदमी के लिए क्या बदला!

बजट 2026: क्या आपकी जेब भरेगी या खाली होगी? जानें टैक्स से लेकर दवाइयों तक, आम आदमी के लिए क्या बदला!

New Delhi | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश कर दिया है। 12.2 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर बजट के बीच, मध्यम वर्ग की निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि उनकी थाली और बटुए पर क्या असर पड़ेगा। हालांकि टैक्स स्लैब में किसी बड़े ‘धमाके’ की उम्मीद कर रहे लोगों को थोड़ी निराशा हाथ लगी है, लेकिन कैंसर की दवाइयों से लेकर विदेश यात्रा तक, सरकार ने कुछ ऐसे बड़े फैसले लिए हैं जो सीधे आपकी बचत पर असर डालेंगे।

बजट का सार सीधा है: सरकार का पूरा जोर अब ‘फ्रीबीज’ के बजाय देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लंबी अवधि के विकास पर है। लेकिन क्या यह आपकी ईएमआई (EMI) और रोजमर्रा के खर्चों को कम करेगा? आइए समझते हैं इस बजट की हर बारीक परत।

1. टैक्स का नया ‘खेल’: राहत मिली या सिर्फ उम्मीदें?

मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा उम्मीद टैक्स स्लैब में बदलाव से थी। हालांकि, वित्त मंत्री ने स्लैब में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया है, लेकिन एक बड़ी घोषणा ‘नए इनकम टैक्स एक्ट’ को लेकर हुई है, जो अप्रैल 2026 से लागू होगा।

  • स्टैंडर्ड डिडक्शन: बड़ी बढ़ोतरी की मांग के बावजूद इसे यथावत रखा गया है, जो नौकरीपेशा वर्ग के लिए एक ‘खामोश झटका’ जैसा है।
  • ITR हुआ आसान: सरकार जल्द ही सरल ITR फॉर्म लाने वाली है, जिससे टैक्स भरने की पेचीदगियां खत्म होंगी।
  • कैंसर मरीजों को बड़ी राहत: 17 प्रकार की कैंसर दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी गई है। इससे लाखों परिवारों का इलाज का खर्च काफी कम हो जाएगा।

2. विदेश जाना और पढ़ाई हुई सस्ती: TCS में भारी कटौती

अगर आप विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं या आपका बच्चा बाहर पढ़ रहा है, तो यह बजट आपके लिए लॉटरी जैसा है। LRS (लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम) के तहत लगने वाले TCS को 5-20% की ऊँची दरों से घटाकर सीधा 2% कर दिया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब इसके लिए न्यूनतम राशि की कोई शर्त नहीं होगी। इसका मतलब है कि अब विदेश पैसे भेजना आपकी जेब पर कम भारी पड़ेगा।

3. क्या सस्ता और क्या महंगा? (List of Items)

सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए कुछ आयात शुल्क (Customs Duty) में बदलाव किए हैं।

इन चीजों के दाम गिरेंगे (Sasta):

  • मोबाइल और गैजेट्स: मोबाइल फोन, टैबलेट और LED TV के पार्ट्स पर ड्यूटी कम होने से ‘मेड इन इंडिया’ इलेक्ट्रॉनिक्स सस्ते होंगे।
  • दवाइयां: विशेषकर कैंसर की 17 महत्वपूर्ण दवाएं अब काफी कम कीमत पर मिलेंगी।
  • हवाई सफर: एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर ड्यूटी छूट का असर आने वाले समय में टिकट की कीमतों पर दिख सकता है।

ये चीजें मारेंगी जेब पर चपत (Mahanga):

  • लग्जरी सामान: इंपोर्टेड प्रीमियम घड़ियां, विदेशी ज्वेलरी और डिजाइनर कपड़ों पर ड्यूटी बढ़ सकती है।
  • धूम्रपान: सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर हेल्थ सेस बढ़ने से इनके दाम बढ़ेंगे।
  • खेती की लागत: फर्टिलाइजर सब्सिडी में कटौती की आशंका से खेती से जुड़ी कुछ चीजें महंगी हो सकती हैं।

4. विजन 2026: कैपिटल एक्सपेंडिचर और रोजगार

सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर को 12.2 लाख करोड़ (9% की वृद्धि) कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि देश में सड़कों, रेलवे और पुलों का जाल और तेजी से बिछेगा। इससे न केवल ट्रांसपोर्ट आसान होगा, बल्कि सीमेंट और स्टील सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हालांकि, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है, क्योंकि वैश्विक परिस्थितियों और सब्सिडी के बीच संतुलन बनाना एक चुनौती है।

बजट 2026 एक ‘बैलेंस्ड एक्ट’ है। इसमें चुनाव वाली लोकलुभावन घोषणाओं के बजाय स्थिरता को चुना गया है। आम आदमी के लिए राहत ‘किस्तों’ में आई है—कैंसर की दवा और विदेश यात्रा में सीधी छूट, जबकि टैक्स में भविष्य के सुधारों का वादा। अब सबकी नजरें अप्रैल 2026 में आने वाले नए टैक्स कानून पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि आपकी टेक-होम सैलरी वाकई कितनी बढ़ेगी।

Subhash Shekhar

एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट और SEO-फोकस्ड न्यूज़ राइटर हैं। वे झारखंड और बिहार से जुड़े राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करंट अफेयर्स पर तथ्यपरक और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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