झारखंड कांग्रेस में ‘Clash of Clans’: मंत्री जी ने जड़ा सोशल मीडिया पर छक्का, बोले- ‘एक आंख में काजल, एक आंख में सुरमा’ नहीं चलेगा!

झारखंड कांग्रेस में 'Clash of Clans': मंत्री जी ने जड़ा सोशल मीडिया पर छक्का, बोले- 'एक आंख में काजल, एक आंख में सुरमा' नहीं चलेगा!

Ranchi | झारखंड कांग्रेस में अभी ‘नई नवेली’ कमेटी की मिठाई बंटनी शुरू ही हुई थी कि वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने रायता फैला दिया। मंत्री जी ने न बैंड बजाया, न ढोल… बस एक फेसबुक पोस्ट डाली और पूरी प्रदेश कांग्रेस में ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ कर दी। मामला ऐसा गरमाया है कि दिल्ली तक के नेताओं के फोन की रिंगटोन बजनी बंद नहीं हो रही!

जंबो कमेटी या जंबो जेट?

रविवार को कांग्रेस ने 314 सदस्यों वाली ऐसी ‘जंबो-जेट’ कमेटी उतारी कि सबको लगा अब तो पार्टी सीधे मंगल ग्रह पर लैंड करेगी। लेकिन छतरपुर के विधायक और सूबे के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर को ये ‘भीड़भाड़’ पसंद नहीं आई। उन्होंने सीधे प्रदेश प्रभारी के. राजू को चिट्ठी लिखी और उसे फेसबुक पर चिपका दिया।

मंत्री जी का तंज कुछ ऐसा था:

“ये कमेटी बना रहे हो या मेला लगा रहे हो? 314 लोगों को बिठाओगे कहां? इससे अच्छा होता कि जंबो कमेटी की जगह जंबो ‘नेतृत्व’ बदल देते, तो शायद पार्टी का भला हो जाता!”

काजल और सुरमा का ‘खतरनाक’ कॉम्बिनेशन

मंत्री जी ने पुरानी कहावत को नया ट्विस्ट देते हुए अनुशासन समिति की बखिया उधेड़ दी। उन्होंने तंज कसा कि पार्टी में ‘एक आंख में काजल और एक आंख में सुरमा’ वाला खेल चल रहा है।

  • लॉजिक समझिए: मंत्री जी का कहना है कि एक तरफ तो योगेंद्र साव पर डंडा चलाया जा रहा है, और दूसरी तरफ रमा खलखो को पद देकर ‘सम्मानित’ किया जा रहा है। मतलब- ‘अपना कुत्ता कुत्ता, और दूसरे का कुत्ता टॉमी?’
काजल और सुरमा का 'खतरनाक' कॉम्बिनेशन

बेटे ने कहा- ‘थैंक्यू, पर नो थैंक्यू!’

इधर पापा फेसबुक पर बैटिंग कर रहे थे, उधर बेटे प्रशांत किशोर ने ‘क्लीन बोल्ड’ कर दिया। पार्टी ने उन्हें बड़े प्यार से प्रदेश सचिव बनाया था, पर प्रशांत ने कुछ ही घंटों में कह दिया— “इस्तीफा ले लो भाई, हमसे न हो पाएगा!” इस इस्तीफे ने साबित कर दिया कि किशोर परिवार फिलहाल कांग्रेस के इस ‘हैप्पी फैमिली’ ड्रामे के मूड में बिल्कुल नहीं है।

बैकस्टेज क्या चल रहा है?

कांग्रेस के गलियारों में अब ‘डैमेज कंट्रोल’ की कोशिशें हो रही हैं।

  • अभिलाष साहू (उपाध्यक्ष): “हमने दिल्ली बता दिया है, अब ऊपर वाले जानें!” (बेचारे करें भी क्या?)
  • सतीश पॉल मुंजनी: “भाई, गुस्सा है तो घर में बताओ न, चौराहे (सोशल मीडिया) पर ढिंढोरा क्यों पीट रहे हो?”

अब क्या होगा? (Public Poll)

झारखंड की जनता अब पॉपकॉर्न लेकर बैठी है। क्या मंत्री जी पर ‘अनुशासन का हंटर’ चलेगा या पार्टी उन्हें मनाने के लिए कोई नया ‘गिफ्ट’ लाएगी? एक बात तो तय है, कांग्रेस की इस नई कमेटी ने काम शुरू करने से पहले ही ‘मनोरंजन’ भरपूर दे दिया है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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