Ranchi | झारखंड की राजधानी रांची में मंगलवार, 21 अप्रैल का दिन प्यासा बीतने वाला है। अगर आप शहर के पॉश इलाकों या घनी आबादी वाली बस्तियों में रहते हैं, तो यह खबर सीधे आपके किचन और बाथरूम से जुड़ी है। विभाग ने आधिकारिक ऐलान कर दिया है कि कल सुबह से लेकर शाम तक सरकारी नलों से एक बूंद पानी नहीं टपकेगा।
स्वर्णरेखा जल परियोजना के तहत आने वाले रूक्का राइजिंग पाइपलाइन में आए बड़े लीकेज और पुराने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) की सफाई के कारण यह ‘महा-शटडाउन’ लिया जा रहा है। इसका असर केवल आम घरों पर ही नहीं, बल्कि राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स (RIMS) पर भी पड़ेगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मरम्मत का काम अनिवार्य है, इसलिए जनता को खुद ही अपना इंतजाम करना होगा।
सुबह 6 से शाम 6 बजे तक ‘नो सप्लाई’, इन इलाकों में रहेगा सूखा
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, मंगलवार सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक जलापूर्ति पूरी तरह ठप रहेगी। मरम्मत का काम हुटुप रूक्का सेक्शन, रिंग रोड गोलचक्कर और सुधांशु स्कूल के पास युद्धस्तर पर किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन में लीकेज इतना गंभीर है कि अगर इसे अभी ठीक नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में रांची के आधे हिस्से में हफ्तों तक पानी का संकट खड़ा हो सकता है।

बरियातू से रातू रोड तक: कौन-कौन से इलाके होंगे प्रभावित?
जलापूर्ति बाधित होने का दायरा बहुत बड़ा है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित क्षेत्रों में पानी की एक बूंद भी सप्लाई नहीं होगी:
- सबसे ज्यादा प्रभावित: बरियातू हाउसिंग कॉलोनी, रिम्स (RIMS) परिसर और बरियातू रोड।
- मुख्य शहर: मेन रोड, हिंदपीढ़ी, ओसीसी कंपाउंड, लालपुर और कोकर।
- आवासीय क्षेत्र: चुटिया, रेलवे स्टेशन रोड, नामकुम, रातू रोड और बुटी।
- बाहरी इलाके: बीआईटी विकास, इरबा और रिंग रोड से सटे मोहल्ले।
ग्राउंड रिपोर्ट: क्यों पड़ी मरम्मत की जरूरत?
मिली जानकारी के अनुसार, रूक्का डैम से आने वाली पाइपलाइन कई जगहों पर जर्जर हो चुकी थी, जिससे रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा था। साथ ही, पुराने जलशोध संस्थान के ‘संप’ (Sump) में जमी गंदगी के कारण सप्लाई होने वाले पानी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे थे। सहायक और कनीय अभियंताओं की विशेष टीमें कल सुबह 5 बजे से ही फील्ड पर तैनात रहेंगी ताकि शाम तक हर हाल में सप्लाई बहाल की जा सके।
आम जनता के लिए सलाह: क्या करें और क्या न करें?
विभाग ने सख्त लहजे में अपील की है कि नागरिक सोमवार की शाम या मंगलवार तड़के 6 बजे से पहले अपनी टंकियां फुल कर लें।
- भंडारण: पीने के पानी के साथ-साथ दैनिक कार्यों (नहाने, कपड़े धोने) के लिए अतिरिक्त भंडारण करें।
- संयम: मंगलवार को पानी का अनावश्यक उपयोग (गाड़ी धोना या गार्डनिंग) बिल्कुल न करें।
- अगला कदम: विभाग का कहना है कि शाम 6 बजे काम पूरा होने के बाद प्रेशर बनने में 2-3 घंटे लग सकते हैं, इसलिए पूरी तरह सामान्य सप्लाई बुधवार सुबह से ही मिल पाएगी।
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