Ranchi | झारखंड की राजधानी राँची में आज उस समय हड़कंप मच गया जब जिला प्रशासन की टीम ने सड़कों पर मोर्चा संभाल लिया। उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजन्त्री के कड़े आदेश के बाद राँची के नगड़ी, नामकुम और बेड़ो इलाकों में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन मालिकों के पसीने छूट गए, क्योंकि महज कुछ घंटों के भीतर ही प्रशासन ने करीब 7.64 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना वसूल लिया है।
यह कार्रवाई केवल राजस्व वसूली नहीं, बल्कि सड़कों पर बढ़ रही लापरवाही के खिलाफ एक बड़ा संदेश है। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) अखिलेश कुमार के नेतृत्व में चली इस मुहिम ने यह साफ कर दिया है कि अगर आपके पास फिटनेस, इंश्योरेंस या परमिट जैसे जरूरी कागजात नहीं हैं, तो आपकी जेब पर भारी चोट पड़नी तय है।
नगड़ी से नामकुम तक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 24 वाहनों पर गिरी गाज
जिला प्रशासन ने इस बार रणनीति बदलकर तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों— नगड़ी, नामकुम और बेड़ो में एक साथ छापेमारी की। ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने कुल 153 वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की।
इस जाँच में जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला है। कुल 24 वाहन ऐसे पाए गए जो बिना वैध कागजातों के सड़कों पर सरपट दौड़ रहे थे। इन पर कुल 7,64,154 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
किन गलतियों पर कटा सबसे ज्यादा चालान?
प्रशासन की इस चेकिंग लिस्ट में ये 6 कमियां सबसे ऊपर रहीं:
- टैक्स चोरी: कई वाहनों का रोड टैक्स सालों से बकाया था।
- फिटनेस और इंश्योरेंस: एक्सपायर्ड फिटनेस के साथ वाहन चलाना दुर्घटनाओं को दावत दे रहा है।
- प्रदूषण (PUC) और परमिट: बिना परमिट और प्रदूषण सर्टिफिकेट के कमर्शियल वाहन पकड़े गए।
- ओवरलोडिंग: सड़कों को नुकसान पहुँचाने वाले ओवरलोडेड ट्रक रडार पर रहे।
- DL और हेलमेट: व्यक्तिगत सुरक्षा नियमों की अनदेखी।
सिर्फ जुर्माना नहीं, बुण्डू में दी गई ‘सुरक्षा की सीख’
एक तरफ जहाँ सड़कों पर सख्ती दिखी, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने भविष्य की पीढ़ी को जागरूक करने का जिम्मा भी उठाया। बुण्डू के Symbiosis Public School में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यहाँ अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) किस्टो बेसरा और DTO अखिलेश कुमार ने बच्चों को बताया कि सड़क सुरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि जीवन बचाने का संकल्प है। बच्चों ने शपथ ली कि वे न केवल खुद नियमों का पालन करेंगे, बल्कि अपने अभिभावकों को भी हेलमेट और सीट बेल्ट के लिए प्रेरित करेंगे।

क्या अब थमेगी सड़कों पर मनमानी?
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कोई एक दिन का अभियान नहीं है। आने वाले दिनों में राँची के शहरी और ग्रामीण इलाकों में इसी तरह के औचक निरीक्षण किए जाएंगे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ को नीचे लाना है, जो अक्सर कागजी कमियों और लापरवाही की वजह से होती हैं।
“सड़क सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है। अगर आपके कागजात अधूरे हैं, तो आप न केवल कानून तोड़ रहे हैं, बल्कि अपनी और दूसरों की जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं।” — जिला प्रशासन, राँची
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