Ranchi | राज्य में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है और मार्च की शुरुआत में ही मई जैसी तपिश महसूस होने लगी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है, जहां चाईबासा राज्य का सबसे गर्म इलाका बनकर उभरा है। यहां पारा 36.4°C तक पहुंच गया है, जो सामान्य से काफी अधिक है। चौंकाने वाली बात यह है कि बोकारो और चाईबासा जैसे जिलों में तापमान सामान्य (Normal Departure) से 4.8°C से 5.7°C ज्यादा दर्ज किया गया है, जो आने वाले दिनों में भीषण हीटवेव (Heatwave) के शुरुआती संकेत दे रहा है।
मार्च में मई का अहसास: आंकड़ों की जुबानी पूरी कहानी
रांची स्थित मौसम केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के लगभग सभी जिलों में तापमान में अचानक उछाल देखा गया है। राजधानी रांची में जहां अधिकतम तापमान 30.0°C दर्ज किया गया, वहीं औद्योगिक क्षेत्र जमशेदपुर और डाल्टेनगंज में यह 35°C की दहलीज को पार कर चुका है। सबसे ज्यादा असर कोल्हान प्रमंडल में दिख रहा है, जहां चाईबासा में पारा सामान्य से 5.7°C ऊपर चला गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तापमान में बढ़ोतरी का यह सिलसिला जारी रहा, तो मार्च के दूसरे हफ्ते में ही लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ सकता है।
बोकारो और चाईबासा में ‘एब्नार्मल’ उछाल: क्यों बढ़ी चिंता?
मौसम विभाग के डेटा (05/03/2026) के मुताबिक, कुछ शहरों में तापमान में “Normal Departure” यानी सामान्य से अधिक की बढ़ोतरी डराने वाली है:
- चाईबासा: सामान्य से +5.7°C अधिक (सबसे गर्म शहर)
- बोकारो-थर्मल: सामान्य से +4.8°C अधिक
- डाल्टेनगंज: सामान्य से +3.0°C अधिक
यह डेटा साफ तौर पर संकेत दे रहा है कि राज्य के कुछ हिस्सों में ‘लोकल हीटिंग’ और बदलते वायुमंडलीय दबाव के कारण गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में अचानक आए इस बदलाव का असर रबी की फसलों, खासकर गेहूं की बालियों पर पड़ सकता है, जिससे पैदावार घटने की आशंका है।

ग्राउंड रिपोर्ट: आम जनजीवन पर असर और स्वास्थ्य चेतावनी
दोपहर 12 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। अचानक बढ़ी इस गर्मी से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। रिम्स (RIMS) के डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग डिहाइड्रेशन से बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन बढ़ा दें। सुबह और शाम के सुहावने मौसम के बाद दोपहर की तीखी धूप ‘थर्मल शॉक’ का कारण बन रही है।
मौसम विभाग का इनपुट: “फिलहाल राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है। आसमान साफ रहेगा, जिससे सौर विकिरण (Solar Radiation) सीधे जमीन तक पहुंचेगी और तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है।”
प्रशासन और जनता को रहना होगा सावधान
अगले 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में पारा 1-2 डिग्री और चढ़ सकता है। प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक गाइडलाइन जारी नहीं हुई है, लेकिन बिजली की खपत बढ़ने और जल संकट की आहट अभी से सुनाई देने लगी है। क्या झारखंड इस साल रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का गवाह बनेगा? यह सवाल अब हर किसी के जेहन में है।











