Budget 2026 Live Update: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर संसद के ‘कर्तव्य भवन’ में देश का आम बजट 2026-27 पेश कर रही हैं। “कोरी बयानबाजी नहीं, सिर्फ सुधार” के मंत्र के साथ शुरू हुए इस बजट भाषण में सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए 40,000 करोड़ रुपये और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का बड़ा दांव खेला है।
एक तरफ जहाँ सरकार इसे ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ता हुआ मजबूत कदम बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे ‘डिफॉर्म बजट’ करार देते हुए तीखा हमला बोला है। बजट पेश होते ही शेयर बाजार में हलचल मच गई और सोना-चांदी की कीमतों में लोअर सर्किट लगने से निवेशकों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी गई।
मंदिर और टियर-2, टियर-3 शहरों का विकास
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026–27 में मझोले और छोटे शहरों (Tier-2, Tier-3) के साथ-साथ मंदिर शहरों के समग्र विकास का प्रस्ताव रखा।
इसके तहत —
- प्राकृतिक रेशा योजना
- वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना
- राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम
शामिल किए गए हैं, जिससे स्थानीय रोजगार और पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
बजट में देशभर में कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर घोषित किए गए हैं —
- मुंबई → पुणे
- पुणे → हैदराबाद
- हैदराबाद → बेंगलुरु
- हैदराबाद → चेन्नई
- चेन्नई → बेंगलुरु
- दिल्ली → वाराणसी
- वाराणसी → सिलीगुड़ी
👉 इससे धार्मिक, औद्योगिक और व्यापारिक शहरों के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी।
200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर फिर होंगे सक्रिय
घरेलू विनिर्माण को गति देने के लिए —
- 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर को पुनर्जीवित करने की योजना
- कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
- निर्माण व अवसंरचना उपकरणों के लिए प्रोत्साहन योजना
- समुद्री विमान (Seaplane) निर्माण को बढ़ावा देने का प्रस्ताव
इसका मकसद भारत को वैश्विक विनिर्माण हब बनाना है।
MSME सेक्टर के लिए “चैंपियन फंड”
एमएसएमई को मजबूत करने के लिए —
- MSME Champion बनने के लिए विशेष कोष
- तीन केमिकल पार्क
- वृहद कपड़ा पार्क
- सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, जिसमें भारतीय IP पर आधारित उपकरण और सामग्री निर्माण पर फोकस होगा
खनिज-समृद्ध राज्यों को विशेष समर्थन
बजट 2026–27 में —
- ओडिशा
- केरल
- आंध्र प्रदेश
- तमिलनाडु
जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में महत्वपूर्ण खनिज इकाइयां लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से विशेष समर्थन देने का प्रस्ताव रखा गया है।
इलेक्ट्रॉनिक और टेक सेक्टर में ‘महा-धमाका’: 40,000 करोड़ का फंड
वित्त मंत्री ने साफ कर दिया है कि भारत को ग्लोबल टेक हब बनाने के लिए सरकार खजाना खोलने को तैयार है। बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में शामिल हैं:
- इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग: 40,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम आवंटन।
- सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: भारत को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई नीति।
- SME ग्रोथ फंड: छोटे उद्योगों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विशेष फंड जारी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से मोबाइल, लैपटॉप और अन्य गैजेट्स के स्वदेशी उत्पादन को गति मिलेगी, जिससे भविष्य में इनकी कीमतें कम हो सकती हैं।
किसान और मध्यम वर्ग: ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ में किसका कितना हिस्सा?
सीतारमण ने अपने संबोधन में ‘सुधार एक्सप्रेस’ का जिक्र करते हुए कहा कि 15 अगस्त से लागू हुए श्रम संहिता और जीएसटी सरलीकरण का लाभ अब जमीन पर दिखने लगा है।
प्रमुख फोकस क्षेत्र:
- खेती और किसान: वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि आर्थिक वृद्धि का लाभ हर किसान, SC, ST और युवा तक पहुंचेगा। हालांकि, सीधे नकद लाभ या MSP पर किसी बड़े ऐलान का इंतजार अभी बना हुआ है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को वर्ल्ड-क्लास बनाने के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया गया है।
- टैक्स और रिफॉर्म: जीएसटी को और सरल बनाने और अत्याधुनिक तकनीक (AI) के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है।
सियासी बवाल: अखिलेश यादव ने बताया “5% वाला बजट”
बजट पेश होते ही राजनीतिक गलियारों में तलवारें खिंच गई हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“यह रिफॉर्म नहीं, बल्कि ‘डिफॉर्म बजट’ है। भाजपा सरकार ने यह बजट केवल देश की 5% आबादी (अमीर वर्ग) के लिए बनाया है। इसमें आम आदमी और गरीबों के लिए कुछ भी ठोस नहीं है।”
मार्केट अपडेट: सोना-चांदी धड़ाम, निवेशकों की सांसें अटकीं
बजट भाषण के दौरान ही कमोडिटी मार्केट से चौंकाने वाली खबर आई। वायदा कारोबार में सोना और चांदी की कीमतों में लोअर सर्किट लग गया। निवेशकों में इस बात को लेकर कौतूहल है कि क्या सरकार आयात शुल्क (Import Duty) में कोई बड़ा बदलाव करने जा रही है या यह बाजार की तात्कालिक प्रतिक्रिया है।
निष्कर्ष और विश्लेषण
बजट 2026-27 स्पष्ट रूप से ‘आत्मनिर्भरता’ और ‘डिजिटल क्रांति’ की ओर झुका हुआ है। सरकार का पूरा ध्यान मैन्युफैक्चरिंग और तकनीक पर है ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हों। लेकिन सवाल वही है—क्या मध्यम वर्ग को इनकम टैक्स स्लैब में वह राहत मिलेगी जिसका वह सालों से इंतजार कर रहा है? या फिर ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की गति में आम आदमी की जेब कहीं पीछे छूट जाएगी?
अगले कुछ घंटों में बजट के बारीक विश्लेषण (Fine Print) से साफ होगा कि आपकी थाली और आपकी बचत पर इसका असली असर क्या होने वाला है।










