ओरेंज अलर्ट के तहत झारखंड मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में अगले कुछ घंटों के लिए गरज-चमक, आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), रांची ने जानकारी दी कि यह मौसम परिवर्तन लोगों के लिए सतर्क रहने का संकेत है।
झारखंड के जिलों में मौसम का बदलता मिजाज
मौसम केंद्र, बिरसा मुंडा हवाई अड्डा रांची से जारी अलर्ट के अनुसार गढ़वा, पलामू, सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम जिले के कुछ हिस्सों में अगले एक से तीन घंटे के भीतर मध्यम दर्जे की गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं।
इसी प्रकार एक अन्य चेतावनी में कहा गया है कि गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, रामगढ़ और रांची जिले के कुछ हिस्सों में भी यही स्थिति देखने को मिल सकती है। यहां भी गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज़ हवाओं के साथ मध्यम दर्जे की बारिश की आशंका व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग ने दी चेतावनी और सुझाव
पूर्वानुमान में बताया गया है कि इस दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है। किसानों से भी कहा गया है कि वे अपने खेतों में काम करने से परहेज़ करें और मौसम सामान्य होने का इंतजार करें।
मौसम विभाग ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे इस अलर्ट को गंभीरता से लें और बाहर निकलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। बिजली गिरने और आंधी से जान-माल को नुकसान पहुंचने की संभावना बनी रहती है, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
क्यों है यह अलर्ट महत्वपूर्ण?
मॉनसून सीजन में झारखंड के कई जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं लगातार होती रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में बिजली गिरने से कई लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में विभाग का यह अलर्ट लोगों को समय रहते चेतावनी देकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अलर्ट का पालन करने से जान-माल की हानि को काफी हद तक रोका जा सकता है। झारखंड जैसे इलाकों में जहां खेत-खलिहान खुले में हैं, वहां किसान वर्ग को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
ओरेंज अलर्ट यह संकेत है कि मौसम सामान्य नहीं है और खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और आमजन दोनों को ही एहतियात बरतने की ज़रूरत है। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले कुछ घंटों तक गरज-चमक और बारिश का असर रहेगा, इसलिए सतर्क रहना ही समझदारी होगी।










