रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर साइबर ठगी की कोशिश सामने आई है। साइबर अपराधी लोगों को भ्रामक ई-मेल भेजकर डराने और उनकी निजी जानकारी व दस्तावेज हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने मतदाताओं को ऐसे फर्जी संदेशों से सतर्क रहने की अपील की है।
फर्जी ई-मेल में दावा— ड्राफ्ट सूची से हटा दिया गया है नाम
जालसाज ई-मेल में यह दावा कर रहे हैं कि SIR के दौरान दस्तावेजों में विसंगति मिलने की वजह से संबंधित व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटा दिया गया है। इसके बाद नाम दोबारा जुड़वाने का झांसा देकर ई-मेल में दिए गए लिंक पर क्लिक करने, व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करने और जरूरी कागजात अपलोड करने को कहा जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO) या निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) की ओर से इस तरह के ई-मेल भेजकर किसी से भी दस्तावेज या प्रमाण-पत्र नहीं मांगे जा रहे हैं। ऐसे ई-मेल पूरी तरह फर्जी और भ्रामक हैं।
OTP, व्यक्तिगत जानकारी और दस्तावेज साझा न करने की सलाह
निर्वाचन विभाग ने नागरिकों को आगाह किया है कि किसी भी संदिग्ध ई-मेल या अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपना ओटीपी, व्यक्तिगत विवरण या दस्तावेज साझा करें।
विभाग के अनुसार, SIR से जुड़े किसी भी प्रकार के सत्यापन के लिए मतदाता सीधे अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से संपर्क करें। इसके अलावा किसी भी ऑनलाइन सेवा के लिए केवल भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल या ‘ECINET’ ऐप का ही इस्तेमाल करने की हिदायत दी गई है।

1 से 12 नवंबर तक चलेगा ‘होम-टू-रोल’ विजिट
मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्वाचन विभाग ने मैदानी स्तर पर प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिया कि 1 से 12 नवंबर तक मतदान केंद्रवार ‘होम-टू-रोल’ विजिट अभियान चलाया जाए। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता बनने से न छूटे और किसी भी अपात्र या विदेशी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज न हो।
4 नवंबर को मतदान केंद्रों पर होगी BLO और BLA-2 की बैठक
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि 4 नवंबर को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर BLO और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों (BLA-2) की पांचवीं साझा बैठक आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में उन मामलों की विस्तृत समीक्षा होगी, जिन्हें दो बार नोटिस देने और घर जाकर संपर्क करने के बावजूद आवश्यक दस्तावेज प्राप्त नहीं हो सके हैं। अभियान के अंत में संबंधित BLO से यह प्रमाण-पत्र भी लिया जाएगा कि उनके कार्यक्षेत्र में कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित नहीं रहा है।
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