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यह खबर कहाँ की हैरांची, झारखंड

JSSC CGL पेपर लीक मामला: प्रश्न पत्र छापने वाली एजेंसी के संचालक के दो रिश्तेदार गिरफ्तार, एक सचिवालय में ASO

रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक और धांधली मामले में सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। सीआईडी ने प्रश्न पत्र छापने वाली एजेंसी आईसीएन (ICN) के संचालक मिथिलेश सिंह के दो रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक भानु प्रताप सीजीएल परीक्षा पास कर वर्तमान में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (एएसओ) के पद पर तैनात है, जबकि दूसरा आरोपी सुमित कुमार सिंह हटिया में किराना व फोटोकॉपी की दुकान चलाता है।

सीआईडी के अनुसार, दोनों अप्राथमिक अभियुक्तों को 1 जनवरी 2025 को दर्ज कांड संख्या 01/2025 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जांच एजेंसी जल्द ही दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।

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12 अभ्यर्थियों को पास कराने का आरोप

सीआईडी की जांच के अनुसार, इन दोनों ने मिलकर 12 अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराया था। जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी भानु प्रताप खुद भी इसी नेटवर्क की मदद से परीक्षा पास कर सेवा में आया था और बाद में अन्य अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने में शामिल हो गया।

प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था प्रश्न पत्र: सीआईडी का दावा

सीआईडी ने दावा किया है कि इस पूरे सिंडिकेट ने अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर सीजीएल की सीटें बेची थीं। प्रश्न पत्र लीक कराने, उत्तर रटवाने से लेकर परीक्षा केंद्रों पर नकल कराने के अलग-अलग रेट तय किए गए थे। सीआईडी अब तक इस मामले में दो दर्जन से अधिक दलालों, अभ्यर्थियों और एजेंट्स को जेल भेज चुकी है।

प्राप्त विवरण के मुताबिक, जेएसएससी ने परीक्षा संचालन का काम आधिकारिक तौर पर वेबेल एजेंसी को सौंपा था। लेकिन वेबेल ने आयोग की सहमति के बिना प्रश्न पत्रों की छपाई और उसे पहुंचाने का काम आईसीएन इंडिया प्रा. लि. को सब-कॉन्ट्रैक्ट पर दे दिया। सीआईडी का दावा है कि आईसीएन के प्रिंटिंग प्रेस से ही प्रश्न पत्र लीक हुआ था।

छह बड़े शहरों में बने थे गुप्त सेफ हाउस

सीआईडी की जांच के अनुसार, आईसीएन के जरिए लीक हुआ प्रश्न पत्र मुख्य आरोपी मिथिलेश सिंह और उसके सिंडिकेट द्वारा राज्य और अंतरराज्यीय स्तर पर अभ्यर्थियों को रटवाने के लिए भेजा गया था। इसके लिए छह प्रमुख शहरों/स्थानों में गुप्त सेफ हाउस बनाए गए थे, जिनमें दुग्धा (बोकारो), नियामतपुर मैरिज हॉल व होटल (आसनसोल), पटना, हजारीबाग और धनबाद शामिल थे। इसके अलावा मुजफ्फरपुर, दिल्ली और काठमांडू (नेपाल) तक अभ्यर्थियों को ले जाकर प्रश्न और उत्तर रटवाए गए थे।

अगले महीने पूरक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी

सीआईडी के अनुसार, मामले की जांच अंतिम चरण में है और जांच एजेंसी अगले महीने कोर्ट में पूरक चार्जशीट (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दाखिल करने की तैयारी में है। इस चार्जशीट में परीक्षा संचालन एजेंसी के अधिकारियों, प्रश्न पत्र छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों, दलालों और सेटिंग के जरिए सचिवालय में नौकरी पाने वाले अफसरों के नाम व उनके खिलाफ साक्ष्य शामिल किए जाएंगे।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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