Ranchi Durga Puja| रांची में इस बार दुर्गा पूजा का नजारा और व्यवस्था दोनों पूरी तरह बदले हुए नजर आएंगे। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
समाहरणालय में आयोजित हाई-लेवल बैठक में उपायुक्त और एसएसपी ने पूजा समितियों को दो-टूक निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का सबसे बड़ा फोकस इस बार मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था को लेकर है।
राजधानी में शांति व्यवस्था, ट्रैफिक और सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए प्रशासन ने अब तक का सबसे कड़ा खाका तैयार कर लिया है। पंडाल निर्माण से लेकर विसर्जन तक कई नए नियम लागू कर दिए गए हैं।
‘एक दिन विसर्जन’ का फॉर्मूला: क्या बनेगी आम सहमति?
समीक्षा बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों के सामने एक बड़ा प्रस्ताव रखा। शहर भर की समितियों से अपील की गई कि वे आपसी समन्वय बनाकर एक ही दिन विसर्जन करने पर आम सहमति बनाएं।
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि रांची ने हमेशा सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश की है। सभी समितियां आपस में बैठक कर विसर्जन का एक साझा दिन तय करें और प्रशासन को सूचित करें, ताकि विधि-व्यवस्था, ट्रैफिक और सुरक्षा के मोर्चे पर किसी तरह की अफरा-तफरी न हो।

पंडाल और बिजली सुरक्षा: ट्रांसफॉर्मर से सटाकर तोरण द्वार पर पूरी रोक
त्योहार के दौरान अक्सर शार्ट-सर्किट और भगदड़ जैसी दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए डीसी ने कड़े तकनीकी मानक तय किए हैं:
- विद्युत संरचनाओं से दूरी: बिजली के खंभों या ट्रांसफॉर्मर से सटाकर किसी भी हाल में पंडाल या तोरण द्वार नहीं बनेंगे।
- वैध कनेक्शन: समितियों को विधिवत स्वीकृत लोड और कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। खुले और नंगे तारों के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी रहेगी।
- इमर्जेंसी एग्जिट: पंडालों की डिजाइन ऐसी होनी चाहिए जिससे सामान्य आवागमन बाधित न हो और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के खुले रास्ते मौजूद रहें।
सीसीटीवी की अनिवार्य रिकॉर्डिंग और वॉलंटियर्स की पहचान
सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस महकमे ने ग्राउंड मैनेजमेंट की कमान संभाल ली है। वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राकेश रंजन ने कहा कि चप्पे-चप्पे पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी।
पुलिस अधीक्षक (नगर) और ट्रैफिक एसपी ने निर्देश दिया कि सभी पंडालों में उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उनकी फुटेज सुरक्षित रखी जाए। भीड़ नियंत्रण में लगे समिति के सदस्यों को अलग पहचान पत्र (आईडी कार्ड) पहनना होगा। ध्वनि प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन कराने और कमर्शियल विज्ञापनों वाले तोरण द्वार से बचने की हिदायत दी गई है।

व्हाट्सऐप ग्रुप में महिलाओं की भागीदारी और युवाओं का रोल
प्रशासन ने पूजा पंडालों की निगरानी में स्थानीय युवाओं और महिलाओं को सीधे जोड़ने की रणनीति बनाई है। हर समिति के व्हाट्सऐप ग्रुप में महिला सदस्यों को शामिल करने का निर्देश दिया गया है ताकि सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सके। नशे के खिलाफ अभियान में पुलिस की मदद करने वाले सक्रिय वॉलंटियर्स को प्रशासन प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेगा।
जिला प्रशासन का यह कड़ा रुख साफ संकेत दे रहा है कि नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई तय है। अब निगाहें रांची की प्रमुख पूजा समितियों पर टिकी हैं कि वे ‘एक दिन विसर्जन’ के फॉर्मूले पर कब तक अंतिम मुहर लगाती हैं। अगले कुछ दिनों में नगर निगम, बिजली विभाग और ट्रैफिक पुलिस संयुक्त रूप से पंडाल स्थलों का जमीनी मुआयना शुरू करेंगे।











