Jharkhand Weather | झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने आज राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश और वज्रपात की गंभीर चेतावनी जारी की है।
गढ़वा, पलामू और लातेहार समेत 7 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। राजधानी रांची सहित 4 अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी है।
प्रशासन ने निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के उफान को देखते हुए स्थानीय नागरिकों को सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है।
7 जिलों पर मंडरा रहा खतरा: निचले इलाकों में जलभराव की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी झारखंड में मानसून की सबसे तगड़ी मार पड़ने वाली है। गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में अत्यधिक तेज बारिश के आसार हैं।
अचानक तेज बारिश से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के निचले हिस्सों में पानी भरने का जोखिम बढ़ गया है। जलजमाव और तेज बहाव वाले पुल-पुलियों से दूर रहने की अपील की गई है।
रांची समेत 4 जिलों में येलो अलर्ट, 40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
राजधानी रांची, खूंटी, चतरा और सरायकेला-खरसावां में बादलों की आवाजाही के बीच भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इन इलाकों में बादलों की तेज गर्जना के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चल सकती हैं। खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है।

लातेहार में 171 मिमी रिकॉर्ड बारिश, 2 सितंबर को भी राहत नहीं
बीते 24 घंटों में लातेहार के महुआडांड़ में सबसे ज्यादा 171 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तापमान के मोर्चे पर बोकारो में अधिकतम 34.1 डिग्री और लातेहार में न्यूनतम 21.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
2 सितंबर को भी गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। 3 सितंबर से बारिश की तीव्रता में आंशिक कमी आ सकती है, हालांकि वज्रपात का खतरा तब भी बना रहेगा।
प्रशासन अलर्ट मोड पर: क्या करें और क्या न करें?
आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को फील्ड में मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। वज्रपात के बढ़ते मामलों को देखते हुए आम जनता को खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई है।











