Jharkhand Weather Today: बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव (Low Pressure Area) ने झारखंड में मानसून को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राजधानी रांची समेत राज्य के 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। 31 अगस्त के लिए रांची, गुमला और लातेहार समेत 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया गया है, जबकि कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
भारी बारिश के इस ताजा दौर से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन शहरी इलाकों में जलजमाव और नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदला मौसम का मिजाज
बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी तंत्र का सीधा असर झारखंड के वायुमंडल पर पड़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, गिरिडीह, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, धनबाद, बोकारो, कोडरमा, दुमका, देवघर और जामताड़ा में मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं।
शनिवार को लातेहार में सबसे अधिक 61 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि रांची में 15 मिमी, दारीसाई में 27 मिमी और देवघर में 19 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई।
31 अगस्त को 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
31 अगस्त को बारिश की तीव्रता और बढ़ने का अनुमान है। मौसम केंद्र ने पांच प्रमुख जिलों—रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और लातेहार—में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा में येलो अलर्ट रहेगा।
1 और 2 सितंबर को भी नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, सितंबर की शुरुआत भी जोरदार बारिश के साथ होगी।
- 1 सितंबर: लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, रांची, पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
- 2 सितंबर: संताल परगना और उत्तरी छोटानागपुर के दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग और कोडरमा में तेज बारिश की संभावना है।
सामान्य से 10% कम बारिश, क्या भर पाएगी कमी?
झारखंड में मानसून सीजन (1 जून से 29 अगस्त) के दौरान सामान्य तौर पर 786.5 मिमी बारिश होनी चाहिए, लेकिन अब तक केवल 710.6 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है। राज्य में कुल मिलाकर सामान्य से 10% कम बारिश हुई है।
| जिला | सामान्य से स्थिति |
| पश्चिमी सिंहभूम | +44% (अधिक) |
| साहिबगंज | +9% (अधिक) |
| रांची | +7% (अधिक) |
| सिमडेगा | +5% (अधिक) |
| खूंटी | +2% (अधिक) |
पूर्वी सिंहभूम में आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 3-4 दिनों की यह बारिश राज्य में कुल वर्षा की कमी को काफी हद तक पाट सकती है।
प्रशासन का अगला कदम और जरूरी सावधानी
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय जिला प्रशासनों को सतर्क कर दिया गया है। निचले इलाकों में जलजमाव और कच्चे रास्तों पर आवागमन बाधित होने का खतरा है।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आकाशीय बिजली (वज्रपात) के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा मौसम के आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।











