Ranchi | राजधानी रांची का ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान एक बार फिर ‘गोविंदा आला रे’ के जयकारों से गूंजने को तैयार है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026 के उपलक्ष्य में इस साल का भव्य दही हांडी महोत्सव बेहद खास और रोमांचक होने जा रहा है।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समिति की ओर से आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय महाआयोजन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सीएम ने समिति के आमंत्रण को स्वीकार करते हुए अपनी उपस्थिति की सहमति दे दी है।
मोरहाबादी में 03 और 04 सितंबर को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर राजधानी के गोविंदा दलों में अभी से जबरदस्त उत्साह और तैयारियां देखी जा रही हैं।

[मोरहाबादी मैदान में दही हांडी की तैयारी और प्रतिनिधिमंडल की सीएम से मुलाकात की तस्वीर यहाँ देखें]
3 और 4 सितंबर को सजेगा मंच, 20 फीट की ऊंचाई पर मचेगा घमासान
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समिति के मुख्य संरक्षक राजीव रंजन प्रसाद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से औपचारिक मुलाकात कर उन्हें कार्यक्रम का न्योता सौंपा।
इस प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष विनोद गोप, संरक्षक डॉ. राजेश गुप्ता छोटू, डॉ. कुमार राजा, कार्यकारी अध्यक्ष राहुल किटू सिंह, महासचिव मनोज गुप्ता, सचिव रोहित सिंह और सह-सचिव नरेंद्र सिंह मुख्य रूप से शामिल रहे।
बाल गोपाल से लेकर गोविंदाओं का महामुकाबला
इस दो दिवसीय महोत्सव का खाका पूरी तरह तैयार कर लिया गया है:
- 03 सितंबर (गुरुवार): दोपहर 3 बजे से प्रतिष्ठित बैंक्वेट हॉल में ‘बाल गोपाल एवं बाल राधा पोशाक प्रतियोगिता’ के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। शाम 4 बजे से प्रतियोगिता दो वर्गों (6 माह से 5 वर्ष और 6 वर्ष से 12 वर्ष) में आयोजित होगी।
- 04 सितंबर (शुक्रवार): मोरहाबादी मैदान में शाम 6 बजे 11 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा विशेष आरती से मुख्य समारोह का आगाज होगा। इसके बाद पुरुष और महिला गोविंदा दल मटकी फोड़ने के लिए मैदान में उतरेंगे।
20 फीट ऊंची हांडी और लाखों के इनाम
इस बार दही हांडी प्रतियोगिता में रोमांच दोगुना होने वाला है। आयोजकों ने पुरुष वर्ग के लिए हांडी की ऊंचाई 20 फीट और महिला वर्ग के लिए 17 फीट तय की है।
- प्रथम पुरस्कार: ₹61,000 + आकर्षक ट्रॉफी
- द्वितीय पुरस्कार: ₹41,000 + ट्रॉफी
- तृतीय पुरस्कार: ₹21,000 + ट्रॉफी

सख्त नियम: 5 मिनट का समय और नशाखोरी पर पूरी रोक
मुख्य संरक्षक राजीव रंजन प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा। प्रत्येक गोविंदा टीम को मानव पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ने के लिए ठीक 5 मिनट का समय मिलेगा।
कड़ा निर्देश: किसी भी प्रकार का नशापान करके प्रतियोगिता में उतरने वाले प्रतिभागी को सीधे बाहर कर दिया जाएगा। निर्णायक मंडली का फैसला ही अंतिम व सर्वमान्य होगा।

सांस्कृतिक संध्या और मोरहाबादी की भव्य सजावट
04 सितंबर की शाम केवल दही हांडी तक सीमित नहीं रहेगी। झारखंड सहित अन्य राज्यों से आ रहे जाने-माने कलाकार श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका और भजन संध्या पेश करेंगे। पूरे मोरहाबादी मैदान को आकर्षक दूधिया रोशनी से पाट दिया जाएगा और भगवान श्रीकृष्ण का मनमोहक झूलन सजाया जाएगा।
प्रशासन और समिति की ओर से मैदान में भारी भीड़ को नियंत्रित करने, मेडिकल टीम तैनात रखने और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।











