Ramgarh | झारखंड के रामगढ़ में बीती रात एक रूह कंपा देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग (NH-23) पर कोयला लदे एक अनियंत्रित ट्रक ने सवारी गाड़ी को इतनी बेरहमी से कुचला कि उसमें सवार सभी 8 लोगों की जान चली गई।
हादसे के वक्त वाहन में बैंड-ताशा पार्टी के सदस्य सवार थे, जो एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि 7 लोगों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की मौत आज रांची के रिम्स (RIMS) में इलाज के दौरान हो गई।
इस दर्दनाक हादसे में मारे गए 8 लोगों में से तीन एक ही परिवार के सदस्य थे, जबकि दो सगे भाई थे। घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है, वहीं बार-बार हो रहे हादसों से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर उग्र प्रदर्शन किया।
ओवरटेक के चक्कर में ‘रॉन्ग साइड’ घुसा ट्रक, उड़ गए परखच्चे
ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के अनुसार, मारगमर्चा गांव के बैंड-ताशा पार्टी के सदस्य एक कार्यक्रम खत्म होने के बाद बलसगरा लौट रहे थे। इसी दौरान बुध बाजार लारी-बरलौंग के समीप रामगढ़ की ओर से आ रहे तेज रफ्तार कोयला लदे ट्रक ने आगे निकलने (ओवरटेक) के चक्कर में सारी हदें पार कर दीं।

ट्रक अचानक रॉन्ग साइड में आ गया और सामने से आ रही सवारी गाड़ी को सीधे टक्कर मार दी। चश्मदीदों के मुताबिक, टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि मानो कोई ब्लास्ट हुआ हो। सवारी गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।
ताशा पार्टी से जुड़े पिंटू ने बताया: “बलसगरा से दो लोग गाड़ी लेकर मारगमर्चा आए थे और यहां से 6 अन्य सदस्यों को लेकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान यह काल बनकर आए ट्रक ने सब कुछ तबाह कर दिया। हमारे साथी अब इस दुनिया में नहीं रहे।”
चीख-पुकार के बीच पहुंची पुलिस, डॉक्टरों ने कही यह बात
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण और रजरप्पा थाना पुलिस समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। लोहे की चादरों में फंसे घायलों को बमुश्किल निकालकर रामगढ़ सदर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

रामगढ़ सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया:
“अस्पताल में कुल आठ लोगों को लाया गया था। जिनमें से सात लोगों की मौत पहले ही हो चुकी थी। एक घायल की स्थिति बेहद नाजुक थी, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत रांची के रिम्स (RIMS) रेफर किया गया था, लेकिन बदकिस्मती से उसे भी नहीं बचाया जा सका।”
पुलिस प्रशासन के मुताबिक मृतकों की पहचान अनोद कुमार, डेविड करमाली, पप्पू करमाली, पवन करमाली, अशोक कुमार, शक्ति कुमार, हेमंत कुमार महतो और मनीष कुमार के रूप में हुई है।
“4 दिन में 10 मौतें”… खूनी ‘ब्लैक स्पॉट’ बना लारी-बरलौंग, NH-23 जाम
इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद मृतकों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सुबह ही एनएच-23 को पूरी तरह जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण यह हाईवे अब ‘खूनी हाईवे’ बनता जा रहा है। लारी-बरलौंग के पास इसी जगह पर पिछले 4 दिनों के भीतर 10 लोगों की मौत हो चुकी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) आलोक रंजन, रजरप्पा थाना प्रभारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर कैंप कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और सुरक्षा इंतजामों के वादे के बाद करीब कई घंटों बाद जाम हटाया जा सका।
SDPO आलोक रंजन ने कहा: “प्रारंभिक जांच से साफ है कि ट्रक ड्राइवर ने ओवरटेक करने के लिए रॉन्ग साइड में गाड़ी डाली थी, जिससे यह भीषण टक्कर हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है।”
सिस्टम की सुस्ती और ‘What Next’
एक ही जगह पर बार-बार हो रहे ये हादसे सिर्फ ‘इत्तेफाक’ नहीं, बल्कि प्रशासनिक ढुलमुल रवैए का नतीजा हैं। लारी-बरलौंग का यह मोड़ अब एक आधिकारिक ‘ब्लैक स्पॉट’ बन चुका है। बड़ा सवाल यह है कि 4 दिन में 10 मौतों के बाद क्या NHAI और जिला प्रशासन यहाँ स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर या लाइटिंग के पुख्ता इंतजाम करेगा? जब तक ओवरस्पीडिंग और रॉन्ग साइड ड्राइविंग करने वाले भारी वाहनों पर सख्त कानूनी शिकंजा नहीं कसा जाता, तब तक ऐसे मासूमों की चीखें हाईवे पर गूंजती रहेंगी।











