Ranchi | झारखंड के दो छात्रों ने सीबीएसई 12वीं के री-इवैल्यूएशन नतीजों में ऐसा ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है, जिसने पूरे देश को चौंका दिया है। रांची की अवनी केजरीवाल ने कॉमर्स स्ट्रीम में पूरे 100% अंक हासिल कर नेशनल टॉपर का खिताब अपने नाम कर लिया है।
वहीं, बोकारो के आदित्य मिश्रा ने भी अपनी मेधा का लोहा मनवाते हुए साइंस स्ट्रीम में जॉइंट नेशनल टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। सीबीएसई के शुरुआती नतीजों के बाद लगी इस छलांग ने साबित कर दिया है कि अगर खुद पर भरोसा हो तो बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन को भी चुनौती दी जा सकती है।
इस वक्त पूरे राज्य में जश्न का माहौल है और इन दोनों होनहारों के घरों पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। आइए जानते हैं ग्राउंड जीरो से कि कैसे इन दोनों ने अंकों के इस बड़े अंतर को पाटकर इतिहास रच दिया।
खुद पर भरोसा और जिद: 95.2% से सीधे 100% का सफर
रांची के प्रतिष्ठित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) की छात्रा अवनी केजरीवाल ने जब मई में अपने शुरुआती नतीजे देखे थे, तो वह खुश तो थीं लेकिन संतुष्ट नहीं थीं। उन्हें अकाउंटेंसी, इकोनॉमिक्स और एप्लाइड मैथमेटिक्स में तो पूरे 100 मार्क्स मिले थे, लेकिन इंग्लिश में सिर्फ 81 और बिजनेस स्टडीज में 95 मार्क्स दिए गए थे। इसके चलते उनका कुल स्कोर 95.2% पर रुक गया था।
अवनी को अपनी मेहनत पर पूरा भरोसा था। ग्राउंड पर हमसे बात करते हुए अवनी ने बताया:
“इंग्लिश हमेशा से मेरा सबसे मजबूत और पसंदीदा सब्जेक्ट रहा है। मैं इसमें इतने कम मार्क्स किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकती थी। बिजनेस स्टडीज के लिए, मैंने बाकायदा सीबीएसई की मॉडल आंसर की (Model Answer Key) से अपने जवाबों का मिलान किया। मुझे मार्क्स कटने की कोई वजह ही नहीं मिली। बस इसी आत्मविश्वास के कारण मैंने री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई करने का बड़ा फैसला किया।”
री-इवैल्यूएशन के बाद जब फाइनल CBSE Re-evaluation Result आया, तो बोर्ड को भी अपनी गलती सुधारनी पड़ी। अवनी के इंग्लिश और बिजनेस स्टडीज में पूरे मार्क्स बढ़े और उनका स्कोर 500 में से पूरे 500 हो गया। 100% मार्क्स के साथ अवनी अब देश की कॉमर्स टॉपर बन चुकी हैं।
बोकारो के आदित्य मिश्रा बने साइंस के जॉइंट नेशनल टॉपर
सफलता की ऐसी ही एक और शानदार कहानी बोकारो से सामने आई है। डीपीएस बोकारो के छात्र आदित्य मिश्रा अब साइंस स्ट्रीम में कानपुर की सोनाक्षी गोयल के साथ जॉइंट नेशनल टॉपर बन गए हैं। री-चेकिंग की प्रक्रिया के दौरान आदित्य के बायोलॉजी में मार्क्स 96 से बढ़कर 99 हो गए।
इस मामूली से दिखने वाले बदलाव ने बड़ा उलटफेर कर दिया। आदित्य का कुल स्कोर 500 में से 498 हो गया और उनका प्रतिशत 99.2% से सीधे बढ़कर 99.6% पहुंच गया। आदित्य ने इंग्लिश कोर, केमिस्ट्री और पेंटिंग में पूरे 100 मार्क्स हासिल किए हैं, जबकि फिजिक्स में उन्हें 99 मार्क्स मिले हैं।
भविष्य के सपने: कोई संभालेगा देश की इकोनॉमी, तो कोई बनेगा डॉक्टर
रांची के बिजनेसमैन मितेश केजरीवाल और होममेकर पूनम केजरीवाल की बेटी अवनी आगे चलकर बिजनेस और फाइनेंस की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहती हैं। अपनी सफलता का मूलमंत्र साझा करते हुए वह कहती हैं, “सफलता का एकमात्र मंत्र निरंतरता (Consistency) और समय का सही प्रबंधन है।” अवनी फिलहाल दिल्ली और बेंगलुरु के टॉप कॉलेजों में अंडरग्रेजुएट कोर्स के विकल्पों को तलाश रही हैं।
दूसरी तरफ, सेल (SAIL) की रिफ्रैक्टरी यूनिट में चीफ जनरल मैनेजर (फाइनेंस) प्रजेश चंद्र मिश्रा और होममेकर सस्मिता मिश्रा के बेटे आदित्य मिश्रा का सपना एक बेहतरीन डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना है। आदित्य अपनी इस बड़ी कामयाबी का श्रेय कड़े अनुशासन और अपने शिक्षकों व परिवार से मिले लगातार सहयोग को देते हैं।
सिस्टम पर सवाल और ‘व्हाट नेक्स्ट’?
झारखंड के इन दो छात्रों की कामयाबी ने जहाँ एक तरफ राज्य का मान बढ़ाया है, वहीं सीबीएसई की शुरुआती मूल्यांकन प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर अवनी और आदित्य ने री-इवैल्यूएशन के लिए कदम नहीं उठाया होता, तो देश दो नेशनल टॉपर्स को जानने से महरूम रह जाता।
आगे का रास्ता: इस घटना के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सीबीएसई अपनी कॉपी चेकिंग की शुरुआती प्रक्रिया को और अधिक सटीक और पारदर्शी बनाएगी ताकि किसी भी छात्र की मेहनत का नुकसान न हो। फिलहाल, झारखंड के इन दोनों सितारों ने यह साबित कर दिया है कि अगर आपके पास सही विजन और खुद पर अटूट विश्वास हो, तो आप अपनी किस्मत खुद बदल सकते हैं।











