रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा बुधवार, 30 सितंबर को खत्म हो रही है। ड्राफ्ट सूची में नाम छूट गया है, विवरण गलत है या पता बदल गया है, तो पात्र नागरिक तय फॉर्म से आवेदन कर सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मंगलवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने दलों को मतदान केंद्रवार नो-मैपिंग और विसंगतियों का डेटा उपलब्ध कराया और इसे अपने बूथ लेवल एजेंटों तक समय पर पहुंचाने को कहा।
इस प्रक्रिया का सीधा असर उन लोगों पर है जिनका नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं दिख रहा, जिन्हें प्रविष्टि में गलती मिली है या जिन्हें नोटिस मिला था। निर्वाचन कार्यालय ने पात्र नागरिकों से अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपना विवरण जांचने और जरूरत के अनुसार आवेदन करने की अपील की है।
किस काम के लिए कौन-सा फॉर्म भरें?
| आपकी जरूरत | फॉर्म |
|---|---|
| ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम जुड़वाना | फॉर्म-6 |
| किसी दर्ज नाम पर आपत्ति या नाम हटाने का अनुरोध | फॉर्म-7 |
| नाम या अन्य विवरण सुधारना, पता बदलना | फॉर्म-8 |
ये फॉर्म निर्वाचन आयोग के वोटर सेवा पोर्टल पर उपलब्ध हैं। आवेदन के लिए संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की सहायता भी ली जा सकती है। फॉर्म जमा करने का अर्थ तत्काल नाम जुड़ना या हटना नहीं है; आवेदन की जांच निर्धारित प्रक्रिया से होगी।
राजनीतिक दलों को बूथवार सूची क्यों दी गई?
नो-मैपिंग और नोटिस वाले मामलों पर नजर
बैठक में साझा डेटा में ऐसे मतदाताओं की बूथवार जानकारी भी शामिल है जिन्हें नो-मैपिंग या अन्य विसंगतियों के कारण नोटिस जारी हुए थे। निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक, कई मतदाताओं ने ईआरओ स्तर की सुनवाई में दस्तावेज दे दिए हैं। कुछ मतदाता ऐसे भी हैं जिनका नाम 2024 की सूची में था और जिन्होंने गणना फॉर्म भरा था, लेकिन वे सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सके।
दल अपने बूथ लेवल एजेंटों के जरिए इन मामलों की जानकारी मतदाताओं तक पहुंचा सकेंगे। जिन लोगों को नोटिस मिला है, उनके लिए उसकी स्थिति और निर्वाचन अधिकारी के निर्देश देखना जरूरी है; केवल नोटिस मिलने से नाम हट जाने का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
30 सितंबर के बाद क्या होगा?
समय सीमा पूरी होने के बाद निर्वाचन मशीनरी प्राप्त दावों और आपत्तियों का डिजिटाइजेशन तथा जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया चलेगी। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
मतदाताओं के लिए अभी सबसे उपयोगी कदम अपनी और परिवार के पात्र सदस्यों की प्रविष्टियां जांचना है। नाम छूटा हो या विवरण में गलती हो, तो 30 सितंबर के भीतर सही फॉर्म से आवेदन करें और उसकी रसीद या संदर्भ संख्या संभालकर रखें।












