ताज़ा खबरें
लोड हो रहा है... ताज़ा खबरों के लिए बने रहें...
विज्ञापन
EducationRanchi
यह खबर कहाँ की हैरांची, झारखंड

RKDF University Ranchi में अनोखा जन्मदिन: रक्तदान और सेवा से पेश की नजीर

रांची: केक, मोमबत्तियां और दिखावटी चकाचौंध से दूर, राजधानी रांची में एक जन्मदिन ऐसा भी मना जिसने शिक्षा और सेवा की नई परिभाषा तय कर दी।

RKDF University Ranchi में 17 सितंबर का दिन महज एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज के प्रति गहरी जिम्मेदारी का बड़ा गवाह बना। विश्वविद्यालय की कुलाधिपति डॉ. साधना कपूर के जन्मदिन पर कैंपस से लेकर शहर के अलग-अलग कोनों तक सेवा, संस्कार और समर्पण की अनूठी लहर देखने को मिली।

Advertisement

रक्तदान से लेकर मूक-बधिर बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरने तक, विश्वविद्यालय परिवार ने साफ संदेश दिया कि जब शिक्षा मानवीय सरोकारों से जुड़ती है, तो समाज में असली बदलाव शुरू होता है।

कैंपस में दिखा अभूतपूर्व उत्साह: RIMS के सहयोग से लगा ब्लड डोनेशन कैंप

उत्सव की सबसे अहम और प्रभावी कड़ी बना राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS), रांची के सहयोग से आयोजित विशाल रक्तदान शिविर।

सुबह से ही विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों में रक्तदान को लेकर जबर्दस्त उत्साह देखा गया। कतार में खड़े युवाओं का जोश बता रहा था कि वे किताबों से आगे बढ़कर जीवन बचाने की सीख को जमीन पर उतार रहे हैं।

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस मौके पर कहा, “रक्तदान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि किसी मरते हुए इंसान को जिंदगी का तोहफा देना है। जन्मदिन की खुशी तब दोगुनी हो जाती है जब आपकी वजह से किसी के घर का चिराग बुझने से बच जाए।”

कैंपस में दिखा अभूतपूर्व उत्साह: rims के सहयोग से लगा ब्लड डोनेशन कैंप

तकनीक और आस्था का संगम: कैंपस में गूंजे विश्वकर्मा पूजा के मंत्र

सेवा कार्यों के साथ-साथ परिसर में भारतीय संस्कृति और श्रम के सम्मान का पर्व भी पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया।

सृजन, तकनीक, कौशल और निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इंजीनियरिंग और वोकेशनल कोर्सेज से जुड़े विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एक साथ बैठकर संस्थान की तकनीकी उन्नति, नवाचार और राज्य के विकास में सक्रिय योगदान का संकल्प लिया। पूरा वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार और जयकारों से गूंज उठा।

ये भी पढ़ें:  Student Web Portals और Innovation Hub का अनावरण, CM Hemant Soren ने किए बड़े ऐलान

गौसेवा और मूक-बधिर बच्चों के बीच पहुंचे शिक्षक-छात्र: बांटी खुशियां

यह आयोजन सिर्फ चारदीवारी तक सीमित नहीं रहा। विश्वविद्यालय की एक विशेष टीम ने शहर की स्थानीय गौशाला और मूक-बधिर विद्यालय का रुख किया।

मूक-बधिर बच्चों के बीच जब विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि पहुंचे, तो उन बच्चों के खामोश चेहरों पर तैरती मुस्कान ने पूरे माहौल को भावुक कर दिया। बच्चों के साथ समय बिताया गया, जरूरी सामग्री बांटी गई और यह अहसास कराया गया कि समाज में वे कभी अकेले नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर, गौशाला में सेवा कार्य कर जीव-दया और करुणा का प्रत्यक्ष संदेश दिया गया।

शिक्षा के साथ संस्कारों की जमीन: क्या है RKDF का विजन?

आज के दौर में जहां उच्च शिक्षण संस्थान सिर्फ डिग्री और प्लेसमेंट के आंकड़ों तक सिमटते जा रहे हैं, वहीं इस तरह की जमीनी पहल युवाओं को संवेदनशील नागरिक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होती है।

शिक्षा के साथ संस्कारों की जमीन: क्या है rkdf का विजन?

“सेवा ही संस्कार है, और संस्कार ही समाज की वास्तविक शक्ति” — इस ध्येय वाक्य को आत्मसात करते हुए विश्वविद्यालय ने यह साबित किया कि बौद्धिक विकास के साथ नैतिक संवेदनशीलता का होना कितना जरूरी है। कार्यक्रम के समापन पर विश्वविद्यालय परिवार ने कुलाधिपति डॉ. साधना कपूर के स्वस्थ, दीर्घायु और प्रेरणादायी जीवन की मंगलकामना की।

Related Stories & Ads

Bipin Gupta

Join WhatsApp

Join Now