रांची में दुर्गा पूजा की विशेष ट्रैफिक व्यवस्था 21 अक्टूबर तक लागू है। मेन रोड समेत निर्धारित रास्तों पर दोपहर 3:30 बजे से वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध है। परिवार के साथ निकलने से पहले आने-जाने का रास्ता और पार्किंग तय कर लें।
रांची। दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन के लिए 18 अक्टूबर को निकल रहे हैं, तो सिर्फ पंडालों की सूची बनाना पर्याप्त नहीं होगा। अपनी गाड़ी कहां तक ले जा सकेंगे और उसे कहां खड़ा करना होगा, यह जानना भी जरूरी है। शहर में लागू विशेष ट्रैफिक प्लान के तहत मेन रोड और आसपास के कई रास्तों पर निर्धारित समय में वाहनों का प्रवेश नियंत्रित रहेगा। व्यवस्था 21 अक्टूबर तक के लिए लागू की गई है।
18 अक्टूबर की शुरुआत तक उपलब्ध जानकारी में इस तारीख के लिए अलग से जारी किसी नए संशोधित आदेश की पुष्टि नहीं हुई है। नीचे दी गई जानकारी पहले से लागू पूजा ट्रैफिक प्लान और उपलब्ध समाचार रिपोर्टों पर आधारित है।
आज निकलने से पहले कौन-से दो समय याद रखें?
भारी वाहनों और शहर के भीतर छोटे वाहनों के लिए प्रतिबंध का समय अलग है।
| वाहन या व्यवस्था | निर्धारित समय | कहां असर |
|---|---|---|
| भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंध | सुबह 8 बजे से अगले दिन सुबह 4 बजे तक | रांची का शहरी क्षेत्र |
| निजी और यात्री वाहनों पर विशेष प्रतिबंध व डायवर्जन | दोपहर 3:30 बजे से अगले दिन सुबह 3 बजे तक | मेन रोड और अन्य निर्धारित मार्ग |
| विशेष पूजा ट्रैफिक व्यवस्था | 21 अक्टूबर तक | चिन्हित मार्ग और प्रवेश बिंदु |
इन समयों का मतलब पूरे शहर में हर वाहन का परिचालन बंद होना नहीं है। प्रतिबंध और डायवर्जन संबंधित रास्तों के अनुसार लागू हैं।
उदाहरण के लिए, 18 अक्टूबर की दोपहर 3:30 बजे शुरू होने वाली छोटे वाहनों की प्रतिबंध अवधि 19 अक्टूबर की सुबह 3 बजे तक रहेगी।
मेन रोड पर गाड़ी कहां तक जा सकेगी?
निर्धारित समय में कचहरी चौक से शहीद चौक, फिरायालाल चौक होते हुए सुजाता चौक की ओर निजी कार, ऑटो, ई-रिक्शा और छोटे मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। न्यू मार्केट चौक से किशोरगंज चौक के बीच भी छोटे वाहनों के प्रवेश पर रोक की व्यवस्था है।
इसलिए मेन रोड के पंडालों तक वाहन से सीधे पहुंचने की योजना बनाकर न निकलें। निर्धारित पार्किंग से आगे पैदल जाने की तैयारी रखें।
रातू रोड, कांके और बरियातू से आने वालों का रास्ता क्या होगा?
उपलब्ध ट्रैफिक प्लान में इन दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए निम्न व्यवस्था बताई गई है:
| आने की दिशा | लागू व्यवस्था |
|---|---|
| पिस्का मोड़ से न्यू मार्केट | मीनाक्षी सिनेमा रोड, पहाड़ी मंदिर और किशोरगंज होकर हरमू की ओर डायवर्जन |
| हरमू से किशोरगंज होकर रातू रोड | चारपहिया वाहन किशोरगंज चौक तक रोके जाएंगे |
| कांके रोड से कचहरी चौक | जाकिर हुसैन पार्क की ओर डायवर्जन |
| लालपुर से शहर के मध्य की ओर | जेपीएससी कार्यालय तक परिचालन की व्यवस्था |
| बरियातू रोड से अल्बर्ट एक्का चौक | रामगढ़ ट्रेकर स्टैंड तक वाहन जा सकेंगे |
| डंगराटोली से सर्जना चौक | मिशन चौक तक वाहन जा सकेंगे |
ये व्यवस्थाएं प्रतिबंध अवधि के लिए बताई गई हैं। संबंधित बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मी के निर्देश के अनुसार आगे बढ़ें।
पंडाल घूमने जाएं तो पार्किंग कहां करें?
पार्किंग चुनते समय पंडाल के साथ अपने आने की दिशा भी देखें। उपलब्ध रिपोर्टों में ये प्रमुख विकल्प बताए गए हैं:
| पंडाल या आने का रास्ता | पार्किंग व्यवस्था |
|---|---|
| सुजाता चौक या डोरंडा से मेन रोड | सैनिक मार्केट या जीईएल चर्च कॉम्प्लेक्स |
| फिरायालाल से बकरी बाजार | जिला स्कूल और बालकृष्ण स्कूल परिसर |
| डंगराटोली से सर्जना चौक | मिशन चौक के पास और संत जॉन्स स्कूल के सामने |
| स्टेशन रोड पूजा पंडाल | रेलवे भर्ती बोर्ड से चुटिया थाना मोड़ तक निर्धारित रेलवे पार्किंग |
| लालपुर से कोकर | साधु मैदान और बिजली ऑफिस के पास |
| खेलगांव से कोकर पंडाल | रामलखन यादव कॉलेज परिसर |
| पुराने विधानसभा मैदान का पंडाल | शहीद मैदान |
इन पार्किंग विकल्पों का उल्लेख प्रकाशित ट्रैफिक विवरण में है। किसी परिसर में प्रवेश करने से पहले वहां लगे संकेत और पुलिस की व्यवस्था देख लें।
ध्यान दें: स्टेशन रोड की पार्किंग के लिए उपलब्ध रिपोर्ट में “चुटिया थाना मोड़” लिखा है। इसे “हटिया थाना मोड़” समझकर यात्रा की योजना न बनाएं।
शहर के प्रवेश रास्तों पर बैरियर क्यों लगाए गए हैं?
भारी वाहनों को नियंत्रित करने के लिए बाहरी प्रवेश बिंदुओं पर 17 जगह ड्रॉप गेट और बैरियर की व्यवस्था बताई गई है। प्रकाशित सूची में लॉ यूनिवर्सिटी कांके, बोड़ेया रिंग रोड, बीआईटी नेवरी गोलचक्कर, खेलगांव से कोकर मार्ग, दुर्गा सोरेन चौक, रामपुर, बिरसा चौक और कटहल मोड़ जैसे स्थान शामिल हैं।
बैरियर मिलने पर आसपास की गलियों में रास्ता तलाशने के बजाय पुलिसकर्मी से आगे के अनुमत मार्ग की जानकारी लें।
परिवार के साथ निकलते समय क्या तैयारी करें?
- पहले पार्किंग तय करें: केवल पंडाल का नाम डालकर नेविगेशन शुरू करने से प्रतिबंधित रास्ते तक पहुंच सकते हैं।
- वापसी का रास्ता भी देखें: जिस रास्ते से पहुंचे हैं, उसी से लौटने की अनुमति मानकर न चलें।
- बच्चों और बुजुर्गों के साथ पैदल दूरी का ध्यान रखें: पार्किंग से पंडाल तक चलना पड़ सकता है।
- प्रवेश और निकास खुला रखें: पंडाल के गेट, मोड़ और सड़क पर वाहन खड़ा न करें।
- समय का अतिरिक्त अंतर रखें: स्टेशन, अस्पताल या किसी जरूरी काम के लिए निकलते समय पूजा क्षेत्र से गुजरने की स्थिति को ध्यान में रखें।
क्या कार छोड़कर ऑटो लेना बेहतर रहेगा?
ऑटो या ई-रिक्शा लेने से पार्किंग तलाशने की जरूरत कम हो सकती है, लेकिन प्रतिबंधित रास्तों पर ये वाहन भी सीधे पंडाल तक नहीं पहुंच सकेंगे। इसलिए उतरने और वापसी में वाहन मिलने की जगह पहले तय करना उपयोगी होगा। मेन रोड के लिए जारी व्यवस्था में ऑटो और ई-रिक्शा भी शामिल हैं।












