Ranchi | झारखंड की राजधानी रांची में नशा तस्करों ने अब खाकी और कानून को चकमा देने के लिए सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘स्पीड पोस्ट’ को अपना हथियार बना लिया है। सुखदेवनगर इलाके में डाक विभाग के जरिए चरस की सप्लाई का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। पुलिस ने न केवल चरस की खेप बरामद की है, बल्कि एक हाई-प्रोफाइल तस्कर को भी दबोचा है।
मंगलवार की देर रात रांची एसएसपी को मिली एक गुप्त सूचना ने इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। सूचना थी कि पंडरा के जतरा मैदान के पास स्पीड पोस्ट के जरिए नशे की एक बड़ी डिलीवरी होने वाली है। बिना वक्त गंवाए सिटी एसपी और डीएसपी कोतवाली के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम ने घेराबंदी शुरू की, जिसके बाद जो हकीकत सामने आई वह चौंकाने वाली थी।
हैरानी की बात यह है कि तस्कर अब कूरियर और पोस्टल सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि सड़कों पर होने वाली पुलिस चेकिंग से बचा जा सके। रांची पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस खेल में डाक विभाग के किसी कर्मचारी की मिलीभगत है या फिर सिस्टम की खामियों का फायदा उठाया जा रहा है।
जतरा मैदान में आधी रात को ‘हाई-वोल्टेज’ ड्रामा
जब पुलिस टीम जतरा मैदान के पास रेकी कर रही थी, तभी एक संदिग्ध युवक वहां पहुंचा। पुलिस को देखते ही उसने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे खदेड़ कर दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान 25 वर्षीय लाल वेदांत नाथ शाहदेव (निवासी- सुखदेवनगर) के रूप में हुई है।
तलाशी में मिला ‘कैली हनी’ इनहेलर और चरस
जब पुलिस ने आरोपी की विधिवत तलाशी ली, तो उसके पास से एक सरकारी डाक का लिफाफा बरामद हुआ। लिफाफा खोलते ही पुलिस अधिकारी भी चौंक गए। उसके अंदर:
- 10.92 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस (पारदर्शी प्लास्टिक में लिपटी हुई)।
- Cali Honey ब्रांड का इनहेलर, जिसका इस्तेमाल संभवतः नशे के लिए किया जा रहा था।
तस्कर का कबूलनामा: फर्जी नाम और गलत पते का ‘मास्टरप्लान’
पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो खुलासा किया, वह किसी फिल्म की पटकथा जैसा है। उसने बताया कि वह पकड़े जाने के डर से स्पीड पोस्ट पर अपना असली नाम और पता कभी नहीं लिखता था। फर्जी पते पर पार्सल मंगवाए जाते थे और डिलीवरी के समय वह खुद जाकर उसे रिसीव कर लेता था। इसके बाद इस नशे को रांची के रईस इलाकों और युवाओं के बीच मोटी कीमत पर बेचा जाता था।
सुखदेवनगर बना नशे का ‘हब’?
यह पहली बार नहीं है जब सुखदेवनगर पुलिस के रडार पर आया है। इससे पहले भी इसी इलाके में कूरियर के जरिए नशे की खेप मंगाई गई थी। पुलिस अब इस चैन को डिकोड करने में जुटी है कि आखिर ये सप्लाई कहां से आ रही है और रांची में इस ‘सफेद जहर’ के और कितने खरीदार हैं।
प्रशासन का अगला कदम: क्या अब स्कैन होंगे हर पार्सल?
रांची पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सुखदेवनगर थाना कांड संख्या 89/26 के तहत NDPS एक्ट की धारा 21(B)/22 में मामला दर्ज कर लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- डाक विभाग को अब संदिग्ध पार्सलों की रैंडम चेकिंग बढ़ानी होगी।
- केवाईसी (KYC) नियमों को पार्सल बुकिंग के समय और कड़ा करना होगा।
- रांची पुलिस अब उन कूरियर और पोस्टल रूट्स की मैपिंग कर रही है, जहां से पिछले 6 महीनों में संदिग्ध डिलीवरी हुई है।










