रांची नगर निगम चुनाव: महापौर की कुर्सी के लिए दिग्गजों ने बढ़ाई धड़कनें?

रांची नगर निगम चुनाव: महापौर की कुर्सी के लिए दिग्गजों ने बढ़ाई धड़कनें?

Ranchi | झारखंड की राजधानी में नगर निकाय चुनाव (2026) का पारा दूसरे दिन अचानक चढ़ गया है। रांची समाहरणालय से लेकर बुण्डू अनुमंडल कार्यालय तक चुनावी गहमागहमी के बीच आज दिग्गज चेहरों ने मैदान में उतरने के संकेत दे दिए हैं। जहां महापौर पद के लिए 5 बड़े नामों ने पर्चे खरीदकर सबको चौंका दिया है, वहीं पार्षद की रेस में 111 दावेदारों ने ताल ठोक दी है। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि आज दो प्रत्याशियों ने औपचारिक रूप से अपना नामांकन दाखिल कर विरोधियों की टेंशन बढ़ा दी है।

दिग्गजों की एंट्री: महापौर पद के लिए ‘पंचकोणीय’ मुकाबले के संकेत

नगरपालिका आम निर्वाचन-2026 के नामांकन के दूसरे दिन शुक्रवार को रांची महापौर की कुर्सी के लिए सियासी बिसात बिछती नजर आई। आज कुल 05 दिग्गजों ने नामांकन पत्र खरीदे हैं, जिनमें पूर्व महापौर रमा खलखो समेत विनोद कुमार बड़ाइक, तनुत तुलियो तिग्गा, बीरू तिर्की और देवी दयाल मुंडा जैसे नाम शामिल हैं।

अब तक महापौर पद के लिए कुल 11 उम्मीदवार पर्चे ले चुके हैं, हालांकि नामांकन का खाता अभी भी शून्य है। राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि ये दिग्गज शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं ताकि शक्ति प्रदर्शन के साथ पर्चा दाखिल किया जा सके।

वार्ड पार्षदों की रेस: वार्ड-34 में सबसे ज्यादा ‘मारामारी’

रांची नगर निगम के 53 वार्डों की स्थिति देखें तो ऐसा लग रहा है कि इस बार मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है। आज की रिपोर्ट के मुताबिक:

  • 111 पर्चे बिके: सभी वार्डों को मिलाकर पार्षद पद के लिए भारी उत्साह दिखा।
  • दो योद्धा मैदान में: वार्ड-2 से सरिता देवी और वार्ड-37 से राहुल कुमार ने नामांकन पत्र दाखिल कर अपनी उम्मीदवारी पक्की कर ली है।
  • हॉट सीट: वार्ड संख्या 34 में सबसे ज्यादा 11 दावेदारों ने पर्चे खरीदे हैं, जबकि वार्ड-32 और वार्ड-13 में भी जबरदस्त होड़ देखी जा रही है।

बुण्डू नगर पंचायत: अध्यक्ष पद के लिए 4 दावेदारों ने भरा दम

सिर्फ रांची ही नहीं, बुण्डू नगर पंचायत में भी चुनावी सरगर्मी तेज है। अध्यक्ष पद के लिए रितेश कुमार पातर, घासीराम उरांव, राजेश उरांव और श्री कृष्ण मुण्डा ने नामांकन पत्र खरीदकर अपनी मंशा साफ कर दी है। हालांकि यहां भी पहले और दूसरे दिन किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। बुण्डू के 13 वार्डों के लिए अब तक 13 ही पर्चे बिके हैं, जो संकेत दे रहे हैं कि यहां की लड़ाई काफी संभलकर लड़ी जा रही है।

ग्राउंड रिपोर्ट: आखिर क्यों है नामांकन में देरी?

नामांकन के दूसरे दिन भी पर्चों की बिक्री और दाखिल करने के बीच बड़ा अंतर दिख रहा है। स्थानीय जानकारों और ग्राउंड रिपोर्ट की मानें तो:

  1. शुभ मुहूर्त का खेल: कई प्रत्याशी शनिवार और सोमवार के विशेष मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं।
  2. दस्तावेजों की जांच: नगर निकाय चुनाव के सख्त नियमों के कारण प्रत्याशी अपने जाति, निवास और नो-ड्यूज सर्टिफिकेट को दोबारा जांच रहे हैं ताकि नामांकन रद्द न हो।
  3. शक्ति प्रदर्शन की तैयारी: बड़े चेहरे एक साथ अपने समर्थकों के साथ समाहरणालय पहुंचकर माहौल बनाना चाहते हैं।

आने वाले 3-4 दिन रांची की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। जैसे-जैसे नामांकन की आखिरी तारीख नजदीक आएगी, समाहरणालय परिसर में भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था दोनों बढ़ाई जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

Subhash Shekhar

एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट और SEO-फोकस्ड न्यूज़ राइटर हैं। वे झारखंड और बिहार से जुड़े राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करंट अफेयर्स पर तथ्यपरक और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment