रांची। लगातार गिरते तापमान और शीतलहर की स्थिति को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने आमजन, विशेषकर जरूरतमंदों की सुरक्षा के लिए जिले भर में अलाव की व्यापक व्यवस्था शुरू की है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर यह विशेष अभियान शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लागू किया गया है।
राज्य सरकार के निर्देशों के अनुपालन में और रात के तापमान में निरंतर गिरावट को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की है।
इस अभियान के तहत रांची शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन परिसर और खुले में रात बिताने वाले लोगों की बस्तियों में नियमित रूप से अलाव जलाए जा रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में भी प्रशासन ने समान रूप से ध्यान दिया है। प्रखंड मुख्यालयों, पंचायत भवन परिसरों, ग्रामीण हाट-बाजारों, धार्मिक स्थलों के आसपास, मजदूर चौकियों तथा दिहाड़ी मजदूरों और बेघर लोगों की अधिकता वाले स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है।
शीतलहर की पृष्ठभूमि और बढ़ती ठंड
मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर के अंतिम सप्ताह में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
रात के समय ठंड का असर सबसे अधिक बेघर लोगों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा-ठेला चालकों और रात में काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ता है।
इसी स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है, ताकि किसी भी नागरिक को ठंड के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी अंचल अधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को पहले से ही कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।
इन निर्देशों में साफ कहा गया है कि:
- अलाव के लिए लकड़ी और कोयले की कोई कमी नहीं होनी चाहिए
- मौसम की गंभीरता बढ़ने पर अतिरिक्त अलाव की तुरंत व्यवस्था की जाए
- सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर नियमित निगरानी रखी जाए
प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि जरूरत पड़ने पर संसाधनों की तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन की प्राथमिकता: कोई नागरिक ठंड से न जूझे
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि ठंड के इस मौसम में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विशेष रूप से बेघर लोग, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा-ठेला चालक और रात में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखें।
असर और राहत
अलाव की इस व्यवस्था से शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लोगों को राहत मिली है।
रात के समय सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलने से:
- ठंड से बचाव संभव हो रहा है
- बेघर और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थान मिल रहा है
- सर्दी से होने वाली बीमारियों का खतरा कम हो रहा है
स्थानीय लोगों ने भी जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की है।
शीतलहर से बचाव को लेकर प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि:
- शीतलहर के दौरान सतर्क रहें
- जरूरतमंद लोगों को अलाव स्थलों तक पहुंचने में मदद करें
- बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें
प्रशासन ने कहा है कि सामूहिक सहयोग से ही ठंड के इस दौर में सभी को सुरक्षित रखा जा सकता है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन अलाव व्यवस्था की निरंतर समीक्षा करेगा।
यदि तापमान में और गिरावट होती है, तो अतिरिक्त स्थलों पर भी अलाव की व्यवस्था की जाएगी और संसाधन बढ़ाए जाएंगे।
लगातार बढ़ती ठंड के बीच रांची जिला प्रशासन की यह पहल जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
समय रहते उठाया गया यह कदम शीतलहर के प्रभाव को कम करने में मददगार है और प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।









