Patna | पटना जिले में गिरते तापमान और बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला दंडाधिकारी (DM) पटना ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों के संचालन समय में अस्थायी बदलाव का आदेश जारी किया है। यह व्यवस्था 19 दिसंबर से 25 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगी, जबकि बोर्ड और प्री-बोर्ड परीक्षाओं वाली कक्षाओं को इससे छूट दी गई है।
बिहार की राजधानी पटना में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है।
जिला दंडाधिकारी पटना द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी, निजी और अल्पसंख्यक स्कूल अब सुबह 9:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक ही संचालित होंगे। पहले की तुलना में यह समय-सारिणी बच्चों को सुबह की कड़ाके की ठंड से राहत देने के उद्देश्य से तय की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश जिले में स्थित सभी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा और किसी भी स्कूल को इसका उल्लंघन करने की अनुमति नहीं होगी।
जिला प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि जिन कक्षाओं में प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षाएं संचालित की जा रही हैं, उन पर यह समय-सारिणी लागू नहीं होगी।
ऐसी कक्षाएं पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार ही संचालित होंगी, ताकि छात्रों की परीक्षा तैयारी प्रभावित न हो। स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा से संबंधित कक्षाओं और सामान्य कक्षाओं के समय में स्पष्ट अंतर बनाए रखें।

आदेश के पीछे कारण
पटना जिले में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह और देर शाम ठंड का प्रभाव अधिक रहने के कारण छोटे बच्चों, खासकर प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के छात्रों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।
प्रशासन को स्वास्थ्य विशेषज्ञों से भी सुझाव मिले थे कि अत्यधिक ठंड के दौरान बच्चों को सुबह जल्दी स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत यह आदेश जारी किया गया है।
जिला प्रशासन की सख्त हिदायत
जिला दंडाधिकारी कार्यालय ने सभी स्कूल प्रबंधनों को निर्देश दिया है कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। यदि किसी विद्यालय द्वारा निर्देशों की अनदेखी की जाती है, तो उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, जिला शिक्षा पदाधिकारी और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आदेश के अनुपालन की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभिभावकों और छात्रों पर असर
इस आदेश से जिले के हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों को राहत मिली है। सुबह के समय स्कूल जाने में होने वाली परेशानी और ठंड से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।
अभिभावकों का कहना है कि प्रशासन का यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाला है। वहीं छात्रों को भी थोड़ी देर से स्कूल पहुंचने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी दिनचर्या संतुलित बनी रहेगी।
स्कूल प्रबंधन की तैयारी
पटना जिले के कई स्कूल प्रबंधन ने आदेश के बाद अपनी समय-सारिणी में बदलाव शुरू कर दिया है। स्कूलों ने अभिभावकों को सूचना देने के लिए नोटिस, व्हाट्सएप ग्रुप और वेबसाइट के माध्यम से जानकारी साझा की है।
प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि कक्षा संचालन, मध्याह्न भोजन, परीक्षा और अन्य गतिविधियों में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि यदि ठंड का प्रकोप और बढ़ता है, तो आगे भी समय-सारिणी में बदलाव या अतिरिक्त एहतियाती निर्णय लिए जा सकते हैं।
25 दिसंबर के बाद मौसम की स्थिति की समीक्षा कर अगला फैसला लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर आदेश की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।
पटना जिले में बढ़ती ठंड को देखते हुए स्कूलों के समय में किया गया यह बदलाव बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की दिशा में एक जरूरी कदम माना जा रहा है। प्रशासन की यह पहल दर्शाती है कि मौसम के प्रभाव को ध्यान में रखकर शिक्षा व्यवस्था में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।










