BJP विधायक प्रदीप प्रसाद मंत्री इरफान अंसारी से बोले- बात साबित कर दें तो विधायकी से अभी इस्‍तीफा दे दूंगा

Subhash Shekhar
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Ranchi: झारखंड विधानसभा में आज बजट सत्र के दौरान सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद और मंत्री इरफान अंसारी के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर विवाद हुआ।

स्वास्थ्य सेवाओं पर गरमाई बहस

विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में हो रही अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है, जिससे गरीबों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि उन्हें रिम्स में एक सेवा केंद्र संचालित करने की अनुमति दी जाए ताकि वे मरीजों की सहायता कर सकें।

सरकार के जवाब से असंतोष

सरकार की ओर से दिए गए जवाबों से भाजपा विधायक संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज को लेकर सदन में गलत जानकारी दी गई। विधायक ने कहा कि सरकार का दावा है कि कॉलेज अब भी सदर अस्पताल से संचालित हो रहा है, लेकिन वास्तविकता कुछ और है। उन्होंने इसे विशेषाधिकार हनन का मामला बताते हुए अध्यक्ष से संज्ञान लेने की अपील की।

भाजपा के झंडे को लेकर विवाद

मंत्री इरफान अंसारी ने भाजपा विधायक पर सदर अस्पताल में पार्टी का झंडा लगाने का आरोप लगाया। इस पर विधायक प्रदीप प्रसाद ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर यह आरोप सिद्ध हो जाता है, तो वे तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल सेवा करना है, न कि राजनीति करना।

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स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की माँग

विधायक ने अस्पतालों में ऑनलाइन टोकन प्रणाली को समाप्त करने और ओपीडी समय बढ़ाने की माँग की। उन्होंने मंत्री से फोन पर भी इस विषय में चर्चा की और कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार से फंड लाने की भी बात कही, ताकि राज्य की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार किया जा सके।

यह विवाद झारखंड की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आया है। भाजपा विधायक ने सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कदम उठाने की चुनौती दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या निर्णय लेती है और क्या झारखंड के अस्पतालों की स्थिति में कोई बदलाव आता है या नहीं।

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सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
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