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Jharkhand News
यह खबर कहाँ की हैझारखंड

झारखंड में आर-पार: भाजपा का 48 घंटे का अल्टीमेटम खत्म, बड़ा आंदोलन

Ranchi | झारखंड की सियासत में बड़ा भूचाल आ गया है। छात्रों पर दर्ज मुकदमों और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर भाजपा का 48 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होते ही पार्टी ने राज्य सरकार के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ दी है।

भाजपा 8 से 11 सितंबर तक राज्य के सभी 24 जिलों में समाहरणालय और पुलिस अधीक्षकों के दफ्तरों का चरणबद्ध घेराव करेगी। पार्टी का सीधा आरोप है कि सरकार छात्र आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है।

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प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने दो टूक चेतावनी दी है कि मुकदमों के डर से छात्रों की आवाज नहीं दबेगी। अब यह लड़ाई सिर्फ छात्रों की नहीं, बल्कि सीधे सरकार बनाम विपक्ष की बन चुकी है।

48 घंटे की मियाद खत्म, अब सड़क पर ‘महाघेराव’

भाजपा के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव के जरिए राज्य सरकार को 48 घंटे का समय दिया था। मांग साफ थी—छात्रों पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं और पिछले 7 सालों में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराई जाए।

समयसीमा खत्म होते ही पार्टी मुख्यालय में बुलाई गई आपात प्रेस वार्ता में भाजपा ने साफ कर दिया कि अब बात वार्ताओं से आगे निकल चुकी है। संगठन पूरी ताकत के साथ जिलों के प्रशासनिक केंद्रों को ठप करने की तैयारी में है।

48 घंटे की मियाद खत्म, अब सड़क पर 'महाघेराव'

तारीख तय: 4 दिन और 24 जिलों में प्रशासनिक घेराबंदी

भाजपा ने आंदोलन को रणनीतिक रूप से चार हिस्सों में बांटा है। हर दिन 6 जिलों में डीसी और एसपी कार्यालयों का घेराव किया जाएगा:

  • 8 सितंबर: रांची, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा।
  • 9 सितंबर: कोडरमा, साहिबगंज, बोकारो, पलामू, सिमडेगा और चाईबासा।
  • 10 सितंबर: सरायकेला, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा।
  • 11 सितंबर: रामगढ़, देवघर, लोहरदगा, खूंटी, गोड्डा और जामताड़ा।

इस चरणबद्ध कार्यक्रम से साफ है कि संगठन पूरे राज्य के सरकारी तंत्र पर एक साथ दबाव बनाने की पुख्ता रणनीति पर काम कर रहा है।

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‘छात्रों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव बर्दाश्त नहीं’

प्रेस वार्ता में आदित्य साहू ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि झारखंड गठन के बाद ऐसा दौर कभी नहीं देखा गया, जहां अपने हक की मांग कर रहे युवाओं को अपराधियों की तरह निशाना बनाया जा रहा हो।

“शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 1000 छात्रों पर मुकदमे ठोक दिए गए। रात के अंधेरे में पुलिस छात्रों के घरों पर दबिश दे रही है, कोचिंग संचालकों को धमकाया जा रहा है। सरकार कोयला, बालू और पत्थर माफियाओं पर लगाम लगाने के बजाय कलम पकड़ने वाले हाथों में हथकड़ी लगाने पर आमादा है।”

— आदित्य साहू, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष

साहू ने सत्ताधारी गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि झामुमो और कांग्रेस के नेताओं का खुद अपने मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं रहा, तभी वे अपनी ही सरकार के मुख्य सचिव के पास गुहार लगाने पहुंच रहे हैं।

ज़मीनी हकीकत: युवा आक्रोश और प्रशासनिक पेशोपेश

रांची से लेकर संताल परगना और कोल्हान तक, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों में लंबे समय से असंतोष सुलग रहा है। परीक्षा रद्द होने, पेपर लीक के आरोपों और फिर लाठीचार्ज की घटनाओं ने छात्रों को सड़क पर उतरने को मजबूर किया।

अब जब राज्य का प्रमुख विपक्षी दल इस आंदोलन की कमान अपने हाथ में ले चुका है, तो प्रशासनिक अमले की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डीसी और एसपी दफ्तरों के घेराव की घोषणा के बाद जिलों में सुरक्षा व्यवस्था और धारा 144 को लेकर मंथन तेज हो गया है।

टकराव टलेगा या भड़केगी चिंगारी?

गेंद अब पूरी तरह हेमंत सोरेन सरकार के पाले में है। यदि सरकार मुकदमों की समीक्षा या जांच एजेंसियों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तो 8 सितंबर से झारखंड के सभी 24 जिलों में प्रशासनिक कामकाज ठप होने की नौबत आ सकती है।

यदि युवाओं के साथ उनके परिवार और आम नागरिक भी सड़कों पर उतर आए, तो कानून-व्यवस्था संभालना पुलिस-प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होगा।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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