झारखंड में नगर निकाय चुनाव की तैयारियां अब पूरी रफ्तार में हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर ही कराए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि वॉर्डों का पुनर्गठन नहीं किया जाएगा। यानी, 2011 और 2017 में हुए परिसीमन के अनुसार ही नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों के चुनाव होंगे।
पिछले कुछ महीनों से इस बात की चर्चा थी कि राज्य सरकार वॉर्डों की संख्या में बदलाव कर सकती है, लेकिन अब यह संभावना खत्म हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि फिलहाल किसी भी नगर निकाय की सीमा या वॉर्डों की संख्या में परिवर्तन की जरूरत नहीं समझी गई है।
एक बूथ पर अधिकतम 1400 वोटर होंगे
विधानसभा चुनावों के दौरान भारत निर्वाचन आयोग ने एक बूथ पर अधिकतम 1200 वोटर तय किए थे, लेकिन इस बार नगर निकाय चुनाव में यह संख्या बढ़ाकर 1400 वोटर प्रति बूथ रखी जाएगी। राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता सूची का अद्यतन कार्य लगभग पूरा हो चुका है और 2023 में कार्यकाल समाप्त होने के बाद से लंबित इन चुनावों की प्रक्रिया अब जल्द शुरू होगी।
राज्य के कुल 48 नगर निकायों में से 12 निकायों के चुनाव वर्ष 2020 में होने थे, जो अब तक नहीं हो सके। अब 2025 के प्रारंभ में चुनाव कराने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
मेयर के लिए गुलाबी, वार्ड सदस्य के लिए सफेद मतपत्र
निकाय चुनाव में इस बार भी बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा। मतदाता को दो अलग-अलग मतपत्र मिलेंगे—एक मेयर (या अध्यक्ष) के लिए और दूसरा वार्ड सदस्य के लिए।
मेयर पद के लिए गुलाबी मतपत्र होगा, जबकि वार्ड सदस्य के लिए सफेद मतपत्र। प्रत्येक वोटर को दोनों बॉक्स में अलग-अलग मत डालना होगा।
हाईकोर्ट की अनुमति के बाद 10 नगरों में भी चुनाव संभव
झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में 10 नगर निकायों में चुनाव कराने की अनुमति दी है, जिन पर पहले कुछ विवाद लंबित थे। अब राज्य निर्वाचन आयोग इन नगरों में भी चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा। बताया जा रहा है कि 2024 के अंत तक सभी नगर निकायों के चुनाव पूरे कर लिए जाएंगे।
यहां होंगे नगर निकाय चुनाव
नगर निगम: रांची, हजारीबाग, धनबाद, मेदिनीनगर, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर और मांगो।
नगर परिषद: गुमला, पाकुड़, चाईबासा, चक्रधरपुर, सिमडेगा, रामगढ़, लोहरदगा, मधुपुर, जामताड़ा, साहिबगंज, फुसरो और मिहिजाम।
नगर पंचायत: बरहरवा, बसुकिनाथ, बुढ़ी, इटखोरी, हरिहरगंज, हुसैनाबाद, गोड्डा, राजमहल, महगामा, कोडरमा, टंडवा, जमुआ, चतरा आदि।
चुनाव की दिशा में निर्णायक कदम
राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह में जारी की जा सकती है।
इस बार नगर निगमों के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और इलेक्ट्रॉनिक वोटों की गिनती की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
राजनीतिक रूप से यह चुनाव राज्य की आगामी राजनीति की दिशा तय करेगा, क्योंकि स्थानीय निकायों में सत्ता का असर विधानसभा चुनावों पर भी पड़ता है।
झारखंड में लंबे समय से टल रहे निकाय चुनाव अब पुराने परिसीमन पर ही होंगे। इससे मतदाताओं और उम्मीदवारों दोनों में उत्साह बढ़ा है, जबकि राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।









