31 दिसंबर की रात झारखंड में छलकेंगे जाम, 100 से ज्यादा अस्थायी बार को लाइसेंस

31 दिसंबर की रात झारखंड में छलकेंगे जाम, 100 से ज्यादा अस्थायी बार को लाइसेंस

Ranchi | नववर्ष 2026 के स्वागत के लिए झारखंड पूरी तरह तैयार है। 31 दिसंबर की रात राज्यभर में जश्न का माहौल रहेगा और इस बार उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने शराब परोसने के लिए खुलकर अस्थायी लाइसेंस जारी किए हैं। राज्य में 100 से अधिक अस्थायी लाइसेंसी ठिकानों को अनुमति दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है, जिनमें अकेले रांची में एक दर्जन से ज्यादा आयोजकों ने लाइसेंस ले लिया है।

31 दिसंबर की रात को लेकर झारखंड सरकार के उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। विभाग के अनुसार नववर्ष के मौके पर अवैध रूप से शराब परोसने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए अस्थायी बार लाइसेंस देने की प्रक्रिया सरल की गई है।

रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो जैसे बड़े शहरों में होटल, क्लब और अस्थायी सेलेब्रेशन वेन्यू पर लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। आवेदन अब भी आ रहे हैं और विभागीय अधिकारियों का कहना है कि 31 दिसंबर की शाम तक सभी योग्य आवेदकों को लाइसेंस दे दिए जाएंगे।

लाइसेंस के लिए क्या हैं शर्तें

अस्थायी बार लाइसेंस पाने के लिए आयोजकों को उत्पाद विभाग की तय शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
जिस स्थान पर शराब परोसी जाएगी, वहां पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए।
सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर ठोस इंतजाम जरूरी होंगे।
किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति में लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों पर सख्त कार्रवाई होगी।

प्रशासन की तैयारी और मंशा

उत्पाद विभाग के अधिकारियों के अनुसार हर साल 31 दिसंबर की रात कई जगहों पर चोरी-छिपे शराब परोसी जाती है। इसी पर रोक लगाने के उद्देश्य से जो भी आयोजक आवेदन कर रहे हैं और शर्तें पूरी कर रहे हैं, उन्हें लाइसेंस दिया जा रहा है।

लाइसेंसधारी बार संचालकों को शराब की आपूर्ति झारखंड स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के गोदाम से की जा रही है। इससे गुणवत्ता पर नियंत्रण रहेगा और अवैध शराब की आशंका भी कम होगी।

सरकार को मिलेगा अतिरिक्त राजस्व

अस्थायी लाइसेंस व्यवस्था से सरकार को भी बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। लाइसेंस फीस और अधिकृत शराब बिक्री से राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। विभाग का कहना है कि नियंत्रित तरीके से शराब परोसने से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

बड़े शहरों में खास इंतजाम

रांची के साथ-साथ जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो में भी 31 दिसंबर की रात को लेकर खास तैयारी की गई है।
कई आयोजनों में बाहर से आए कलाकार प्रस्तुति देंगे।
डांस, डीजे और लाइव म्यूजिक कार्यक्रम होंगे।
भुगतान आधारित एंट्री सिस्टम रखा जाएगा, जिसमें खाने-पीने की सुविधा शामिल होगी।

इन आयोजनों को लेकर युवाओं और पर्यटकों में खास उत्साह देखा जा रहा है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए अलग अनुमति जरूरी

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने साफ किया है कि अस्थायी लाइसेंस केवल शराब परोसने के लिए दिया जा रहा है।
यदि किसी आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम, डांस या लाइव शो होना है तो संबंधित जिले के एसडीओ से अलग से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

बिना अनुमति के सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने पर आयोजक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

जनता पर असर और सुरक्षा व्यवस्था

नववर्ष की रात को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है।
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त निगरानी होगी।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे।

प्रशासन का लक्ष्य है कि जश्न सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जाए।

उत्पाद विभाग के अनुसार 31 दिसंबर की शाम तक लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से सभी लाइसेंसी ठिकानों की निगरानी करेंगे।

यदि किसी स्थान पर बिना लाइसेंस शराब परोसने की सूचना मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

झारखंड में इस बार नववर्ष का जश्न अधिक व्यवस्थित और नियंत्रित नजर आएगा। अस्थायी बार लाइसेंस व्यवस्था से जहां अवैध शराब परोसने पर लगाम लगेगी, वहीं सरकार को राजस्व भी मिलेगा। प्रशासन की चुनौती रहेगी कि जश्न के बीच कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखी जाए।

Subhash Shekhar

एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट और SEO-फोकस्ड न्यूज़ राइटर हैं। वे झारखंड और बिहार से जुड़े राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करंट अफेयर्स पर तथ्यपरक और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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