आदित्य साहू ने भ्रष्टाचार और जनमुद्दों पर सरकार को घेरने की घोषणा की; विनोद पांडेय ने रोजगार, जमीन और विस्थापन पर भाजपा से पूछे सवाल।
रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने झारखंड के सभी 595 मंडलों में भ्रष्टाचार और अन्य जनमुद्दों को लेकर आंदोलन करने की घोषणा की है। दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के समापन के बाद प्रेसवार्ता में उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर वादे पूरे नहीं करने और कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, भाजपा के राजनीतिक प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को आरोप लगाने से पहले अपने शासनकाल के कामकाज का हिसाब देना चाहिए।
भ्रष्टाचार और रोजगार के मुद्दे उठाएगी भाजपा
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। उन्होंने रोजगार, अवैध खनन, खनिजों की चोरी और आदिवासियों की जमीन पर कथित कब्जे के मुद्दे उठाए। साहू ने कहा कि भाजपा इन विषयों को लेकर मंडल स्तर पर जनता के बीच जाएगी और सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग करेगी।
उन्होंने पांच लाख नौकरियों के वादे का उल्लेख करते हुए सरकार पर युवाओं को निराश करने का आरोप लगाया। साहू के मुताबिक, झामुमो और कांग्रेस के नेता समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार की कमियों को छिपाने में लगे हैं।
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पंचायत चुनाव से पहले ट्रिपल टेस्ट की मांग
पंचायत चुनाव के मुद्दे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग आरक्षण से संबंधित ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद ही चुनाव कराए।
उन्होंने कहा कि पिछड़े समाज को उसका उचित प्रतिनिधित्व और आरक्षण मिलना चाहिए। साहू ने आरोप लगाया कि सरकार इस वर्ग को उसके अधिकारों से वंचित रख रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा पिछड़ों के अधिकारों के सवाल पर संघर्ष करेगी।
कार्यसमिति में लगभग 95 प्रतिशत उपस्थिति का दावा
साहू ने दावा किया कि दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में अपेक्षित कार्यकर्ताओं में से लगभग 95 प्रतिशत उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी के लिए उन्हें बधाई दी।
प्रेसवार्ता में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के कामकाज की सराहना की। साथ ही कांग्रेस पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर करने का आरोप लगाया।
प्रेसवार्ता में प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्र, अमर कुमार बाउरी, मनोज कुमार सिंह और प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह उपस्थित रहे।
झामुमो का जवाब: अपने शासनकाल का हिसाब दे भाजपा
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के राजनीतिक प्रस्ताव पर पलटवार करते हुए झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा के पास राज्य की जनता के सामने रखने के लिए ठोस मुद्दे नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी राजनीतिक प्रस्तावों के माध्यम से भ्रम फैला रही है।
पांडेय ने कहा कि भाजपा को बताना चाहिए कि उसके शासनकाल में युवाओं को कितने स्थायी रोजगार मिले, किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए और विस्थापितों को उनके अधिकार दिलाने के लिए क्या काम हुआ।
उन्होंने दावा किया कि हेमंत सोरेन सरकार गरीबों, महिलाओं, किसानों, आदिवासियों, मूलवासियों और वंचित वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है।
जल-जंगल-जमीन और स्थानीय अधिकारों पर सवाल
विनोद पांडेय ने कहा कि जल-जंगल-जमीन, आदिवासी-मूलवासी अस्मिता और स्थानीय अधिकार झारखंड आंदोलन की बुनियाद रहे हैं। उन्होंने भाजपा से जमीन, विस्थापन और रोजगार से जुड़े सवालों पर अपने शासनकाल का विवरण देने की मांग की।
पांडेय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा और झारखंड के अन्य महानायकों के विचारों के अनुरूप समाज को अधिकार और सम्मान दिलाना जरूरी है।
रोजगार के सवाल पर उन्होंने केंद्र सरकार की भूमिका भी उठाई। उन्होंने कहा कि भाजपा को देश के युवाओं के लिए पैदा किए गए स्थायी रोजगार के अवसरों का हिसाब देना चाहिए। पांडेय के अनुसार, राज्य के युवाओं को रोजगार, बेहतर शिक्षा और सम्मानजनक भविष्य चाहिए तथा राज्य सरकार इन मुद्दों पर काम कर रही है।
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घुसपैठ पर केंद्र से जवाब मांगने की बात
घुसपैठ के मुद्दे पर झामुमो महासचिव ने कहा कि यह केंद्र सरकार से जुड़ा विषय है। उन्होंने झारखंड की अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं होने का उल्लेख करते हुए भाजपा से इस मुद्दे पर जवाब देने को कहा।
पांडेय ने कहा कि विपक्ष को सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन सवाल तथ्यों और जिम्मेदारी के साथ उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि झामुमो जनता के बीच सरकार के कामकाज और जनहित में किए गए प्रयासों के आधार पर अपना पक्ष रखेगा।
यह रिपोर्ट उपलब्ध भाजपा और झामुमो की बयान-सामग्री पर आधारित है। इनमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।














