भारतीय प्रतिभा की वैश्विक गूंज: अमोल भगत ब्रेनवॉश फिल्म फेस्टिवल की जूरी में

भारतीय प्रतिभा की वैश्विक गूंज: अमोल भगत ब्रेनवॉश फिल्म फेस्टिवल की जूरी में

नई दिल्ली: भारत के बहु-प्रतिभाशाली कलाकार अमोल भगत को अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त ब्रेनवॉश फिल्म फेस्टिवल 2025 में बतौर जूरी सदस्य आमंत्रित किया गया है। यह फिल्म महोत्सव 3 से 5 अक्टूबर के बीच सैन फ्रांसिस्को के द बॉक्स शॉप, 951 हडसन एवेन्यू में आयोजित किया जाएगा।

अमोल भगत का यह चयन न केवल उनके अंतरराष्ट्रीय योगदान को मान्यता देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारतीय कलाकार वैश्विक मंचों पर लगातार अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहे हैं। अमोल इससे पहले भी दुनिया भर के 24 देशों में आयोजित 64 अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

ब्रेनवॉश फिल्म फेस्टिवल: अनोखी सिनेमा की पहचान

1995 में आरंभ हुआ ब्रेनवॉश फिल्म फेस्टिवल दुनिया भर के स्वतंत्र और नवाचारी फिल्म निर्माताओं के लिए एक प्रतिष्ठित मंच बन चुका है। यह महोत्सव मुख्य रूप से उन फिल्मों को मंच प्रदान करता है जो पारंपरिक ढांचे से हटकर कुछ नया प्रस्तुत करती हैं।

फिल्म फेस्टिवल की खासियत यह है कि यहां उन कलाकारों और फिल्मकारों को स्थान मिलता है जो सीमाओं से परे जाकर अपनी कहानियों को जीवंत बनाते हैं। इस वर्ष, अपने 31वें संस्करण में प्रवेश कर चुका यह महोत्सव तीन दशकों की सिनेमाई यात्रा का उत्सव मना रहा है।

भारतीय प्रतिनिधित्व को मिली नई ऊंचाई

अमोल भगत का इस महोत्सव में चयन भारतीय सिनेमा के लिए गर्व की बात है। वे न केवल एक कलाकार हैं, बल्कि एक वैश्विक मीडिया व्यक्तित्व के रूप में भी पहचाने जाते हैं। स्वतंत्र सिनेमा के क्षेत्र में उनके कार्यों को दुनियाभर में सराहा गया है।

उनकी मौजूदगी से ब्रेनवॉश फिल्म फेस्टिवल को एक नया आयाम मिलेगा, खासकर तब जब यह आयोजन अपनी 31वीं वर्षगांठ मना रहा है। अमोल की दृष्टि और अनुभव जूरी के निर्णयों में बहुमूल्य योगदान देंगे।

सिनेमा के माध्यम से वैश्विक संवाद

अमोल भगत का मानना है कि “सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि यह समाज, संस्कृति और विचारों के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम है।” उनका यह दृष्टिकोण ब्रेनवॉश जैसे प्लेटफॉर्म को और भी सशक्त बनाता है।

उनका चयन भारत के उभरते कलाकारों के लिए प्रेरणा है, जो वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। यह खबर उन सभी के लिए उम्मीद की किरण है जो स्वतंत्र सिनेमा के क्षेत्र में कुछ नया और अलग करना चाहते हैं।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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